जी-20 अध्यक्षता संभालने पर भारत को दुनियाभर से बधाइयां, वसुधैव कुटुंबकम् पर जोर | The Voice TV

Quote :

"सकारात्मक सोच ही सफलता की पहली सीढ़ी है।"

International

जी-20 अध्यक्षता संभालने पर भारत को दुनियाभर से बधाइयां, वसुधैव कुटुंबकम् पर जोर

Date : 01-Dec-2022

 एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य सूत्रवाक्य के साथ जुड़ेगी पूरी दुनिया

-अमेरिका व ऑस्ट्रेलिया ने कहा, प्रगति के लिए साथ मिलकर करेंगे काम

वाशिंगटन/ नई दिल्ली, 01 दिसंबर (हि.स.)। यूरोपीय संघ सहित दुनिया के ताकतवर बीस देशों के समूह जी-20 की अध्यक्षता संभालने पर भारत को दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं। कहा जा रहा है कि भारत के नेतृत्व में वसुधैव कुटुंबकम् के भाव पर जोर देते हुए एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य सूत्र वाक्य के साथ पूरी दुनिया जुड़ेगी।

बीते दिनों इंडोनेशिया में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन में भारत को वर्ष 2023 के लिए जी-20 की अध्यक्षता का जिम्मा मिला। एक दिसंबर से भारत ने यह जिम्मेदारी संभाल ली। जी-20 समूह में यूरोपीय संघ के अलावा अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका सदस्य देश हैं। भारत ने अध्यक्षता संभालते ही अगले एक वर्ष के लिए प्राचीन भारतीय परंपरा के अनुरूप वसुधैव कुटुंबकम् का मूलमंत्र देने के साथ एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य को लक्ष्य सूत्रवाक्य के रूप में अंगीकार किया है। 

अब दुनियाभर से मिल रही शुभकामनाओं में इसी सूत्रवाक्य के साथ आगे बढ़ने की बात कही जा रही है। भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ'फैरेल ने जी-20 समूह की अध्यक्षता संभालने को भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर करार दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया भी एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य विषय पर अपने साझा उद्देश्यों और प्रगति को प्राप्त करने के लिए दृढ़प्रतिज्ञ है। उन्होंने कहा कि वे आशा करते हैं कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर काम करेंगे। 

दुनिया की सबसे अमीर अर्थव्यवस्थाओं के समूह जी-20 की अध्यक्षता मिलने पर अमेरिका ने भी भारत को बधाई दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति के आवास व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन ज्यां-पियरे ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका अगले वर्ष भारत की जी-20 अध्यक्षता को लेकर उत्साहित है। एक मजबूत वैश्विक अर्थव्यवस्था का निर्माण करने के लिए अमेरिका और भारत अपने प्रयास जारी रखेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि मौजूदा खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की राह भी भारत के नेतृत्व में खोजी जा सकेगी।

हिन्दुस्थान समाचार/ संजीव मिश्र


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement