यूएई में 'इंडिया ग्लोबल फोरम यूएई 2022-पार्टनर्स फॉर ग्लोबल इम्पैक्ट' का उद्घाटन किया
आबू धाबी, 12 दिसंबर (हि.स.)। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार देशों को अब दुनिया से झूठ बोलना बंद करने के साथ नैतिक रूप से जिम्मेदारी लेते हुए आगे आना चाहिए।
विदेश मंत्री ने सोमवार को यूएई में 'इंडिया ग्लोबल फोरम यूएई 2022-पार्टनर्स फॉर ग्लोबल इम्पैक्ट' का उद्घाटन किया। इसके बाद विदेश मंत्री ने पर्यावरण संकट पर चेतावनी देते हुए कहा कि जैसे-जैसे यह बात स्पष्ट होती जाएगी कि विकसित देश अपने किए वादों को पूरा नहीं करते, जिससे और भी प्राकृतिक आपदाएं आती रहेंगी। विदेश मंत्री जयशंकर ने पर्यावरण पर चर्चा को दो हिस्सों में बांटते हुए कहा कि पहला, पर्यावरण पर काम और हरित विकास की क्षमता बढ़ाना है।
पर्यावरण न्याय का दूसरा हिस्सा कठिन है। इसमें विकसित देशों से किए गए वादों को पूरा करने की जरूरत है। खासकर कार्बन उत्सर्जन में बड़ी भूमिका निभाने वाले देश दूसरों की मदद करने का वादा करते रहे हैं। सच्चाई यह है कि यह देश दुनिया के सामने झूठे वादे करते आए हैं। वह हर पर्यावरण सम्मेलन में एक नए तर्क और बहाने के साथ आते हैं और पर्यावरण की समस्या को टालते रहते हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित देश अभी तक अपने वादों को पूरा करने को लेकर गंभीर नहीं हैं। इससे वैश्विक हालात हर दिन खराब होते जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने पर्यावरण के नजरिए पर बड़े उत्सर्जक देशों की आलोचना करते हुए कहा कि वे कारगर उपाय के बजाय दूसरे देशों पर निशाना साधते हैं। इसलिए इस विषय में पर्यावरण संकट के लिए जिम्मेदार लोगों को ईमानदार और सच्चाई के साथ आगे आना होगा। इन्हीं देशों को आगे बढ़कर उचित कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन-रूस युद्ध ने भी वातावरण पर असर डाल रहे हैं।
