कोलंबो के स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र ने महाराष्ट्र मंडली के सहयोग से मराठी नववर्ष के उपलक्ष्य में गुड़ी पड़वा समारोह का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम में पारंपरिक पूजा की गई, जो समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक है। उपस्थित लोगों ने लयबद्ध वाद्यों के साथ प्रस्तुत किए जाने वाले जीवंत लोक नृत्य लेज़िम में भी भाग लिया, जिसने उत्सव की भावना को और बढ़ा दिया। विभिन्न अनुष्ठानों और सांस्कृतिक प्रदर्शनों ने महाराष्ट्र की समृद्ध विरासत को उजागर किया।
चैत्र के पहले दिन मनाया जाने वाला गुड़ी पड़वा, 'गुड़ी' फहराकर मनाया जाता है - एक सजाया हुआ झंडा जो जीत और सौभाग्य का प्रतीक है। इस उत्सव में भारतीय प्रवासी और स्थानीय उत्साही लोग एक साथ आते हैं, जिससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान और एकता को बढ़ावा मिलता है।
