श्रीलंका की प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या ने भारत की सराहना करते हुए उसे एक अग्रणी वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में सम्मानित किया। यह वक्तव्य उन्होंने कोलंबो में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के 75वें स्थापना दिवस पर आयोजित एक विशेष समारोह में दिया। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में एक ICCR स्कॉलर के रूप में बिताए अपने छात्र जीवन को याद करते हुए भारत की शैक्षणिक और सांस्कृतिक विरासत की सराहना की, और कहा कि भारत ने वैश्विक नागरिकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम का आयोजन स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र, कोलंबो द्वारा किया गया था, जो ICCR की कोलंबो में 25 वर्षों की उपस्थिति का भी उत्सव था। इस अवसर पर भारत के उप उच्चायुक्त डॉ. सत्यंजल पांडे ने ICCR परिवार को बधाई दी और कहा कि यह केंद्र भारत-श्रीलंका के गहरे होते सांस्कृतिक संबंधों का आधार बना हुआ है।
समारोह में ICCR के पूर्व छात्र और शिक्षाविद भी उपस्थित रहे, जिन्होंने भारत में अपने अनुभव साझा किए। इसके बाद प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा शास्त्रीय और फ्यूजन संगीत की शानदार प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिससे माहौल सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो गया।
इस आयोजन ने ICCR की सांस्कृतिक कूटनीति में योगदान देने वाली स्थायी विरासत को रेखांकित किया, जो न केवल भारत और श्रीलंका के बीच सांस्कृतिक सेतु का कार्य करता है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की सौम्य शक्ति (soft power) को भी मजबूती प्रदान करता है।
