यूक्रेन में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक महत्वपूर्ण 85 मिनट की फोन बातचीत हुई। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने यूक्रेन युद्ध, ईरान परमाणु समझौते और संभावित युद्धविराम जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बातचीत को "अच्छी लेकिन तत्काल शांति की दिशा में नहीं ले जाने वाली" बताया। उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर बातचीत का सार साझा करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने रूसी जवाबी कार्रवाई को लेकर पुतिन को रोकने का प्रयास नहीं किया।
वहीं, राष्ट्रपति पुतिन ने बातचीत के दौरान स्वीकार किया कि वार्ता से यूक्रेन में त्वरित शांति संभव नहीं है और चेतावनी दी कि यूक्रेन के हवाई अड्डों पर हाल ही में हुए सफल रूसी हमलों का जवाब दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका के साथ वार्ता में भाग लेने की पेशकश भी की, जिसे ट्रंप ने "धीमी प्रक्रिया" करार दिया।
पुतिन ने एक टेलीविज़न वर्चुअल बैठक के दौरान युद्धविराम की संभावना को खारिज करते हुए दावा किया कि इससे कीव को फिर से संगठित होने और हथियारबंद होने का मौका मिलेगा। दूसरी ओर, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने मास्को द्वारा प्रस्तुत हालिया शांति प्रस्तावों को "एकतरफा अल्टीमेटम" बताया।
हालांकि इस्तांबुल में सोमवार को हुई बातचीत में युद्धविराम को लेकर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई, फिर भी बंदियों और मृतकों के हस्तांतरण जैसे मानवीय मुद्दों पर कुछ सहमति बनती नजर आई। बातचीत से स्पष्ट है कि फिलहाल युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान की राह अभी भी लंबी और जटिल बनी हुई है।
