भारत और इज़राइल ने मत्स्य पालन तथा जलीय कृषि क्षेत्रों में सहयोग को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक संयुक्त मंत्रिस्तरीय आशय घोषणा पर हस्ताक्षर किए हैं। यह घोषणा इज़राइल में आयोजित दूसरे वैश्विक शिखर सम्मेलन ब्लू फ़ूड सिक्योरिटी: सी द फ़्यूचर 2026 के दौरान की गई।
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यह घोषणा उन्नत जलीय कृषि प्रौद्योगिकियों, जिम्मेदार मछली पकड़ने के तरीकों और क्षमता निर्माण के लिए संयुक्त अनुसंधान एवं विकास पर केंद्रित है। इसके तहत आनुवंशिक सुधार कार्यक्रमों, समुद्री शैवाल की खेती सहित समुद्री कृषि और इज़राइली जल-बचत तकनीकों के माध्यम से मत्स्य पालन में जल प्रबंधन को भी शामिल किया गया है।
मंत्रालय के अनुसार, इस घोषणापत्र में मत्स्य पालन और जलीय कृषि से जुड़े स्टार्टअप्स के आदान-प्रदान और समर्थन पर विशेष जोर दिया गया है, साथ ही ब्लू इकोनॉमी को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
तीन दिवसीय वैश्विक शिखर सम्मेलन का समापन कल इज़राइल के ईलाट में हुआ। इस सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन मंत्री राजीव रंजन सिंह ने किया। यह यात्रा मत्स्य पालन और जलीय कृषि के क्षेत्र में भारत और इज़राइल के बीच द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
