छत्तीसगढ़ : वंदे मातरम गान की 150वीं वर्षगांठ पर गुरुकुल महिला महाविद्यालय में सामूहिक गायन का आयोजन | The Voice TV

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छत्तीसगढ़ : वंदे मातरम गान की 150वीं वर्षगांठ पर गुरुकुल महिला महाविद्यालय में सामूहिक गायन का आयोजन

Date : 15-Jan-2026

वंदे मातरम गान की 150वीं वर्षगांठ के पावन अवसर पर गुरुकुल महिला महाविद्यालय, कालीबाड़ी रोड, रायपुर में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में सामूहिक गायन एवं देशभक्ति कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के गायन के साथ हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं एवं प्राध्यापकगण ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए राष्ट्रभक्ति की भावना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त किया। देशभक्ति गीतों एवं विचारों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, एकता और सामाजिक दायित्वों का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अविनाश दुबे, सेक्रेटरी, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी, रायपुर उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में संविधान के मूल्यों, विधिक जागरूकता एवं नागरिक कर्तव्यों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

विशेष अतिथि के रूप में अजय तिवारी, अध्यक्ष, साशी निकाय तथा शोभा खंडेलवाल, सचिव की गरिमामयी उपस्थिति रही। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संध्या गुप्ता ने अपने संबोधन में इस प्रकार के आयोजनों को छात्राओं के सर्वांगीण विकास एवं राष्ट्रप्रेम की भावना के संवर्धन के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन अजय तिवारी द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु महाविद्यालय प्रबंधन, IQAC सेल, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, अतिथिगण, प्राध्यापकगण एवं छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम जैसे राष्ट्रीय गीत हमें निरंतर राष्ट्र के प्रति समर्पित रहने और सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने की प्रेरणा देते हैं। ऐसे कार्यक्रम युवा पीढ़ी में देशभक्ति, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करते हैं।

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राध्यापकगण, छात्राएं एवं स्टाफ सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह आयोजन वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व को स्मरण करते हुए छात्राओं के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम एवं राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ।


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