संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के चाबहार बंदरगाह पर संचालन के लिए 2018 में दिए गए प्रतिबंधों में छूट को रद्द करने की घोषणा की है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह निर्णय 29 सितंबर 2025 से प्रभावी होगा। इसके बाद, चाबहार बंदरगाह से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं पर ईरान स्वतंत्रता और प्रसार-रोधी अधिनियम (IFCA) के तहत प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
अमेरिका ने यह कदम पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की "अधिकतम दबाव" नीति की दिशा में उठाया है, जिसका उद्देश्य ईरानी शासन पर रणनीतिक और आर्थिक दबाव बनाना है।
गौरतलब है कि इस वर्ष मई में भारत और ईरान के बीच चाबहार बंदरगाह के संचालन को लेकर एक 10 वर्षीय समझौता हुआ था। इसके तहत भारत ने ओमान की खाड़ी में स्थित इस रणनीतिक बंदरगाह के विकास के लिए 250 मिलियन डॉलर की ऋण सुविधा प्रदान की है।
अमेरिका के इस फैसले से भारत-ईरान के बीच इस परियोजना पर असर पड़ सकता है, जो क्षेत्रीय व्यापार, संपर्क और भू-राजनीतिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
