रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है कि यदि यूक्रेन अमेरिकी शांति योजना को अस्वीकार करता है, तो रूसी सेना आगे बढ़ती रहेगी। रूसी सुरक्षा परिषद की बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रस्तुत 28-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को अंतिम राजनीतिक समाधान की नींव के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना पर अमेरिका के साथ अब तक विस्तृत चर्चा नहीं हुई है, लेकिन मास्को को इसका मसौदा प्राप्त हो गया है।
पुतिन ने दावा किया कि यूक्रेन इस प्रस्ताव के खिलाफ है और कीव तथा यूरोपीय देश इस वास्तविकता को नहीं समझ पा रहे हैं कि रूसी सेनाएँ यूक्रेन में लगातार आगे बढ़ रही हैं और शांतिपूर्ण समाधान होने तक ऐसा करती रहेंगी।
इधर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने चेतावनी दी कि यदि देश अमेरिकी शांति प्रस्ताव को अस्वीकार करता है, तो यूक्रेन अपनी स्वतंत्रता और गरिमा के साथ-साथ वाशिंगटन का समर्थन भी खो सकता है। इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कीव को एक सप्ताह का समय देकर कहा था कि वह इस योजना को स्वीकार करे, जिसमें नाटो, क्षेत्रीय सीमाओं और रूसी-नियंत्रित इलाकों को लेकर मॉस्को की प्रमुख मांगों का समर्थन शामिल है।
