रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोसकॉस्मोस ने एक बयान जारी कर कहा है कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने के लिए छोड़ा गया उसका लैंडर तकनीकी खराबी के कारण शनिवार को अपनी कक्षा में प्रवेश नहीं कर पाया है। एजेंसी ने इस संबंध में कोई और विवरण नहीं दिया है और कहा है कि स्थिति का विश्लेषण किया जा रहा है। रूस के यान को चंद्रमा की सतह पर 21 अगस्त को उतरना था। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रूस का यह मिशन अभी मौजूद है अथवा नहीं।
इस बीच, भारत के चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल को निचली कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है। इस तरह, चंद्रयान-3 चांद के और करीब पहुंच गया है। चंद्रयान-3 का लैंडर मॉड्यूल इस महीने की 23 तारीख़ को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने का प्रयास करेगा।
