नई दिल्ली, 09 दिसंबर (हि.स.)। दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) में हुई अवैध नियुक्तियों के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप तय करने के आदेश दिये जाने को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता अलका लांबा ने स्वाती मालीवाल के इस्तीफे के मांग की है। साथ ही केजरीवाल पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या आप की नैतिकता महज एक जुमला है।
अलका लांबा ने कहा कि अगस्त 2015 से अगस्त 2016 में डीसीडब्ल्यू ने कुल 87 नियुक्तियां कीं। इसमें से 71 अनुबंध आधारित थी और शेष डायल 181 सेवा में की गई थी। इन कुल 87 नियुक्तियों में 20 लोग सीधे तौर पर आम आदमी पार्टी से जुड़े पाए गए हैं। इनकी नियुक्तियों में नियमों और प्रक्रिया को ताक पर रखा गया था और भ्रष्टाचार विरोधी शाखा ने जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी।
उक्त एफआईआर का संज्ञान लेते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि डीसीडब्ल्यू में नियुक्तियों के दौरान नियम और प्रक्रियाओं की धज्जियां उड़ाते हुए अपने सगे संबंधियों को मौका दिया गया। जनता के पैसे से उनकी तनख्वाह का भुगतान हुआ।
उन्होंने कहा कि कोर्ट ने आदेश में यहां तक कहा कि आरोपित ये नहीं कह सकते कि उन्होंने अपने और आम आदमी पार्टी के निकटवर्ती लोगों की नियुक्तियों में अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल कर उन्हें आर्थिक लाभ नहीं पहुंचाया। कोर्ट ने दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल और अन्य के खिलाफ आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय करने का आदेश पारित किया है।
अलका लांबा ने कहा कि कोर्ट द्वारा पारित आदेश आप के भ्रष्टाचार को उजागर करता है। रोज जनता को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की बात कहने वाले केजरीवाल और उनके नेता अब क्यों चुप हैं। उनके एक के बाद एक नेता भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों में जांच के दायरे में आते जा रहे हैं, लेकिन हमेशा दूसरों पर आरोप लगाकर बाद में माफी मांगनेवाले केजरीवाल खुद के नेताओं के भ्रष्टाचार पर चुप्पी साध लेते हैं।
