नई दिल्ली, 16 दिसंबर (हि.स.)। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को विजय दिवस पर भारतीय सैनिकों के 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ दिखाए शौर्य को याद किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि विजय दिवस पर हम कृतज्ञता के साथ 1971 के युद्ध के दौरान हमारे सशस्त्र बलों द्वारा प्रदर्शित असाधारण वीरता को याद करते हैं। राष्ट्र के लिए उनके अद्वितीय साहस और बलिदान की कहानियां हर भारतीय को प्रेरित करती रहती हैं।
उपराष्ट्रपति ने सशस्त्र बलों की बहादुरी और बलिदान को याद किया और कहा कि वे उन शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने हमारे देश की सेवा में अपनी जान गंवाई।
प्रधानमंत्री ने बहादुर सशस्त्र बलों के जवानों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने 1971 के युद्ध में भारत की एक असाधारण जीत सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि देश को सुरक्षित रखने में उनकी भूमिका के लिए हमारा राष्ट्र हमेशा सशस्त्र बलों का ऋणी रहेगा।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि 1971 में आज के ही दिन पाकिस्तानी सेना को भारत के वीर जवानों के बुलंद हौसलों ने घुटनों पर ला दिया था। हमारे सैनिकों का साहस, समर्पण और देश के लिए सर्वस्व बलिदान करने का जज़्बा अतुलनीय है। अदम्य शौर्य–पराक्रम से माँ भारती को गौरवान्वित करने वाले वीर जवानों को नमन।
