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गांव के सरपंच से लेकर मुख्यमंत्री तक का सफर

Date : 25-Apr-2023

 सबसे कम उम्र के सरपंच व सबसे वयोवृद्ध मुख्यमंत्री का रिकार्ड बादल के नाम

पंजाब में संगत दर्शन शुरू करने वाले पहले मुख्यमंत्री थे बादल

चंडीगढ़, 25 अप्रैल। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का पूरा जीवन संघर्ष और उतार-चढ़ाव वाला रहा है। प्रकाश सिंह बादल पंजाब की राजनीति में ए टीम के उन नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने सरपंच से अपना राजनीतिक करियर शुरू किया और लंबे संघर्ष के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे।

पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने साल 1947 में राजनीति में प्रवेश किया। उन्होंने अपने जीवन में पहला चुनाव गांव बादल में सरपंच के लिए लड़ा और जीत गए। उस समय प्रकाश सिंह बादल को सबसे कम उम्र के सरपंच बनने का खिताब मिला था। वर्ष 1957 में उन्होंने सबसे पहला विधानसभा चुनाव लड़ा। वर्ष 1969 में उन्होंने दोबारा जीत हासिल की। वर्ष 1969-70 तक वह पंचायत राज, पशु पालन, डेयरी विकास आदि मंत्रालयों के मंत्री रहे।

इसके अलावा प्रकाश वर्ष 1970-71, 1977-80, 1997-2002 में पंजाब के मुख्यमंत्री बने। इसके अलावा वर्ष 1972, 1980 और वर्ष 2002 में विरोधी दल के नेता भी बने। प्रकाश सिंह बादल की पहचान राजनीतिक मोर्चे लगाने वाले नेता की रही है। वह पंजाब के मामलों को लेकर कई बार जेल भी गए। 

मोरारजी देसाई के प्रधानमंत्री काल में सांसद भी चुने गए। वहीं वर्ष 2022 का चुनाव लडऩे के बाद वह सबसे अधिक उम्र के उम्मीदवार भी बने। प्रकाश सिंह बादल अपने जीवन का अंतिम चुनाव हार गए। इस चुनाव में हार के बाद प्रकाश सिंह बादल ने सार्वजनिक एवं राजनीतिक जीवन से दूरी बनाई। सात दशकों तक पंजाब की राजनीति में सक्रिय रहे प्रकाश सिंह बादल पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने एसी कमरों को छोडक़र संगत दर्शन शुरू किया और मुख्यमंत्री रहते हुए ज्यादा समय जनता के बीच व्यतीत किया।


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