राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भोपाल में आज भारत की लोक एवं जनजाति अभिव्यक्तियों के राष्ट्रीय उत्सव "उत्कर्ष" एवं अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव "उन्मेष" का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि साहित्य मानवता को आईना दिखाता है और उसे आगे बढ़ाता है। यह जुड़ता भी है और जोड़ता भी है। उन्होंने कहा कि अमृत काल मैं उन्मेष कार्यक्रम से यह देखना है कि साहित्य मैं आज क्या रचा जा रहा है, जिसे बड़ी संख्या मैं लोग पढ़ रहे है। राष्ट्रपति ने कहा कि उत्कर्ष का अर्थ उन्नति है और जनजातीय समूह की उन्नति से ही देश की उन्नति होगी। उन्होंने कहा कि जनजातीय परंपरा, भाषा संस्कृति के संरक्षण को संवारना हम सभी का दायित्व है।
संस्कृति मंत्रालय के संगीत नाटक अकादमी और साहित्य अकादमी के साथ संस्कृति विभाग मध्यप्रदेश ने 3 से 5 अगस्त तक इस कार्यक्रम आयोजन किया है। उद्घाटन समारोह में राज्यपाल मंगू भाई पटेल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उपस्थित थे।
