अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती ने नूह में हुई हिंसा पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह विधर्मियों की सोची समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के राष्ट्र विरोधी कृत्य हमारे देश में न होने पाये, इसके लिये जनजागरण अभियान चलाने की आवश्यकता है।
वह शनिवार को विश्व हिन्दू परिषद अवध प्रान्त की प्रांतीय मार्गदर्शक मण्डल की बैठक में हिस्सा लेने लखनऊ आये थे। मार्गदर्शक मण्डल की बैठक में उपस्थित संत धर्माचार्यों ने देश में समान नागरिक कानून की आवश्यकता के साथ देश में निर्बाध चल रहे अवैध धर्मान्तरण, लिव इन रिलेशनशिप के विरोध में कठोर कानून बनाने की मांग की।
स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद की यह बैठक संत समाज के विचारों का मंथन है, जिससे अमृतरूपी विचार निकलेंगे, जिससे सम्पूर्ण विश्व में सार्थक संदेश जाएगा।
विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मंत्री अशोक तिवारी ने विहिप की वर्ष भर की गतिविधियों और उपलब्धियों को उपस्थित धर्माचार्यों के समक्ष रखा। संतों ने देश की वर्तमान परिस्थितियों पर गहन चिन्तन मंथन करने के पश्चात सर्वसम्मति से चार विषयों पर प्रमुख रूप से चर्चा की।
- कुटुम्ब प्रबोधन के माध्यम से समाज में पारिवारिक आत्मीयता एवं देश के प्रति जिम्मेदारी का भाव जागृत करने के उद्देश्य से कार्य करने की अवश्यकता है।
- देश में निर्बाध चल रहे अवैध धर्मान्तरण पर तत्काल रोक लगाने हेतु कठोर कानून बनना चाहिए।
- देश में समान नागरिक कानून को व्यापक विचार विमर्श के पश्चात सर्वसम्मति के आधार पर कानून लागू करना चाहिए।
- लिव इन रिलेशनशिप अवैध घोषित किया जाये।
संतों का स्वागत विश्व हिन्दू परिषद के क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र और क्षेत्र धर्माचार्य सम्पर्क प्रमुख जितेंद्र ने किया।
