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इनका दिल्ली में उनसे सरोकार है, जिन्होंने दिल्ली में आयुष्मान भारत लागू ही नहीं की। मोदी सरकार में 3 करोड़ 86 लाख घर बने। इनका उनसे कोई सरोकार नहीं। हमारे देश में 8 करोड़ 50 लाख बेटियों ने समग्र शिक्षा के माध्यम से स्कूल में सेवा ली। मुफ्त टेक्स्टबुक की सेवा ली। बेटियों की ये उपलब्धि हमारा अभिमान है। इनका नहीं।
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चुप और बहुत सारी चीजों में रहे हैं ये। 2005-06 में यूपीए की सरकार को ये ज्ञात हो चुका था खुले में शौच के कारण महिलाओं का बलात्कार हो रहा है लेकिन ये चुप थे। इसी दौरान विश्व बैंक ने कहा था कि स्वच्छता नहीं होने से देश की जीडीपी के 6-4 का निगेटिव इंपैक्ट है। 2014 तक केवल 39 फीसदी आबादी को उन्होंने स्वच्छता सुनिश्चित की थी। 2019 तक 100 फीसदी टॉयलेट की व्यवस्था की गई है।
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इनका इतिहास खून से सना है, राहुल और कांग्रेस पर इरानी का हमलाइरानी ने कहा कि आज जो लोकतंत्र की दुहाई देते हैं। इस सदन में हमलोग बार-बार आपातकाल की गाथा याद करते हैं। लेकिन आपातकाल के दौरान साधारण महिला का इन्होंने कांग्रेस पार्टी ने क्या हश्र किया। स्नेहलता रेड्डी की आज बात करना जरूरी है। बेंगलुरु की जेल में बंद किया गया। वो समाजवादी थीं। जब बंद किया 2 मई 1976 को तब उन्होंने अपनी जेल डायरी में लिखा। जैसे ही महिला आती हैं। उसको सबके सामने नंगा किया जाता है। 6 जून 1976 में रेड्डी लिखती हैं, मैंने यहां महिलाओं को मारपीट रोकने में सफलता पाई। अस्थमा की पेशेंट थीं ये महिला वो दो बार अस्थमैटिक कोमा में गया। उनको बाद में छोड़ दिया गया और 5 दिन बाद उनका देहांत हो गया। इनका इतिहास खून से सना है।
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भीलवाड़ा में 14 साल की लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार होता है। इस सदन से दो महिला एमपी उससे मिलती है। बच्ची जब जिंदा थी गैंगरेप के बाद उसे काटा जाता था। उसे भट्टी में डाल दिया जाता है। जिस बच्ची की 14 साल की उम्र में जब जीवित थी, भीलवाड़ा में काटा गया, उसे जलाया गया। मैं आज पूछना चाहती हूं ये जो आज जोर-जोर से चिल्ला रहे हैं। ये न्याय की गुहार लगा रही है। जब 60 साल की एक महिला का बंगाल में उसके नाती के सामने रेप किया गया।
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ये कहना उचित होगा कि एक तरफ निर्भया फंड की 2013 में घोषणा करते हैं। एक काम निर्भया फंड में नहीं करते हैं लेकिन जो निर्भया के बलात्कारी हैं उनको कांग्रेस नीत अलायंस के लोक बलात्कारी के हाथ में 10 हजार रुपये और एक सिलाई की मशीन देते हैं।
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आज हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार बिना किसी पुरुष 4,313 मुस्लिम बहनें अकेले हज के लिए गईं और हिंदुस्तान लौटीं।
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महिला जो पीएचडी करती है, 99.2 फीसदी इनरोलमेंट में वृद्धि हुई है। ये हमारे लिए हिंदुस्तानी होने के नाते गौरव की बात है। आज जो महिला शैक्षिक संस्थानों मे सेवा दे रही हैं उसमें 66 फीसदी की वृद्धि हुई है। आप हो हो हो करते जाएं, हम तो उनके लिए बल्ले-बल्ले करेंगे।
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