उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जापानी निवेशकों से राज्य में बड़े निवेश की संभावना है। उनकी जापान यात्रा सफल रही है।
फडणवीस शनिवार को पांच दिन की जापान यात्रा के बाद मुंबई पहुंचे। मुंबई एयरपोर्ट पर फडणवीस का जोरदार स्वागत किया गया। मौके पर फडणवीस ने पत्रकारों को बताया कि वे जापान सरकार के विशेष निमंत्रण पर जापान की यात्रा पर गए थे। जापान में उन्होंने जापानी सरकार के मंत्रियों, जापान के प्रधानमंत्री के सलाहकारों, विभिन्न कंपनियों के अधिकारियों, प्रांतीय गवर्नरों, कंपनियों, एजेंसियों के साथ विस्तृत बैठकें की हैं और कुछ जापानी कंपनियां भारत आना चाहती हैं। जापान सरकार तथा वहां के उद्योगपतियों ने नए भारत की क्षमता में बहुत विश्वास दिखाया है। हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि इसका बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र को मिले। मुख्यमंत्री की सहमति से हम एक विशेष टीम का गठन करेंगे जिसमें जापानी भाषा बोलने वालों को शामिल किया जाएगा। यह सभी लोग महाराष्ट्र में निवेश को लेकर जापान सरकार से चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि जापानी निवेश डेटा सेंटर से लेकर सेमी कंडक्टर तक सभी क्षेत्रों में लाया जाएगा।
फडणवीस ने कहा कि राज्य में हम वर्सोवा-विरार समुद्री लिंक का निर्माण करने जा रहे हैं। जापान सरकार ने इसके लिए सकारात्मक मदद करने की तैयारी दिखाई है। केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही इस संबंध में आगे कदम उठाए जाएंगे। जापान ने मेट्रो 11, मुंबई बाढ़ प्रबंधन परियोजना में मदद करने के लिए भी अपनी तत्परता दिखाई है। एनटीटी और सोनी जैसी कंपनियां और अन्य कंपनियां राज्य में निवेश करने की इच्छुक हैं। जापान से बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत आना चाहती हैं। राज्य सरकार की भूमिका इन सभी उद्योगों को समर्थन देना है। साथ ही, राज्य सरकार जायका, जेट्रो, जेरा जैसी कंपनियों से भारी वित्तीय सहायता प्राप्त करके राज्य में विभिन्न परियोजनाओं को लागू करने का प्रयास कर रही है।
