असम बजट सत्रः विपक्षी हंगामे के बीच राज्यपाल ने सदन में पूरा अभिभाषण पढ़ा
गुवाहाटी, 16 फरवरी। असम विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत में साेमवार काे अफरा-तफरी मच गई, जब राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य के भाषण के दौरान विपक्षी विधायक सदन के वेल में आ गए, नारे लगाए और कार्यवाही में रुकावट डालने की भरपूर कोशिश की।
राज्यपाल के 40 मिनट के भाषण के मुश्किल से पांच मिनट बाद ही विरोध शुरू हो गया। कांग्रेस, एआईयूडीएफ, सीपीआई (एम) और एक निर्दलीय विधायक अपनी सीटों से उठकर पोडियम के पास जमा हो गए, प्लेकार्ड उठाए और नारे लगाए।
कई विधायकों ने राज्यपाल के अभिभाषण की कॉपी पोडियम की ओर फेंकने की कोशिश की। ड्यूटी पर मौजूद मार्शलों ने तुरंत दखल दिया, बुकलेट जब्त कर लीं और विरोध कर रहे विधायकों के दिखाए प्लेकार्ड और कागज हटा दिए। 20 से ज़्यादा सुरक्षाकर्मियों ने राज्यपाल के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बना लिया, जबकि 30 से ज़्यादा विपक्षी सदस्य पूरे भाषण के दौरान वेल में ही रहे।
विरोध कर रहे विधायकों ने मुख्यमंत्री के कथित तौर पर दिखाए गए एक विवादित वीडियो पर नारे लगाए और प्रसिद्ध संगीतकार जुबीन गर्ग के लिए न्याय की मांग की। विपक्षी विधायकों के विरोध के बावजूद राज्यपाल अपना अभिभाषण जारी रखा तो हारकर कुछ विधायक विरोध में वेल के अंदर ही जमीन पर बैठ गए, जबकि राज्यपाल शोर-शराबे के बीच अपना भाषण पढ़ते रहे।
रुकावट के बावजूद, लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने अपना भाषण जारी रखा, जिसमें उन्होंने सरकार के विकास के कामों, वेलफेयर स्कीमों और पिछले पांच सालों की उपलब्धियों के बारे में बताया।
राज्य में चुनाव से पहले मौजूदा सरकार के तहत सोमवार की मीटिंग असेंबली का आखिरी पूरा सेशन है। वोट ऑन अकाउंट मंगलवार को पेश किया जाना है। राज्यपाल का अभिभाषण समाप्त होने के बाद सदन नियमानुसार लगभग डेढ़ घंटे के लिए स्थगित किया गया। 12 बजे से पुनः सदन की कार्रवाई आरंभ हुई।
