नैनीताल, 04 जून । पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार में आयोजित “राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)” विषयक कार्यशाला में विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सूर्य प्रकाश ने उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों से आये आचार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत के भविष्य को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि यह नीति केवल पाठ्यक्रम परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास, नैतिक मूल्यों, कौशल आधारित शिक्षा तथा भारतीय संस्कृति को शिक्षा से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
डॉ. सूर्य प्रकाश ने कहा कि भविष्य में वही राष्ट्र आगे बढ़ेगा जिसकी शिक्षा व्यवस्था व्यवहारिक, मजबूत और विद्यार्थियों की रुचि के अनुरूप होगी। उन्होंने एनईपी आधारित शिक्षण पद्धति पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर गतिविधि आधारित, अनुभवात्मक और सहभागितापूर्ण बनाया जाना चाहिए। कार्यशाला में आचार्यों ने भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए तथा विद्यालयों में इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अनुभव साझा किए। इस दौरान मूल्य आधारित शिक्षा, तकनीकी संसाधनों के उपयोग, शिक्षण पद्धतियों तथा विद्यार्थियों की प्रतिभा विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में सह प्रदेश निरीक्षक ईश्वरी दत्त जोशी, संभाग निरीक्षक मंगतराम, गणेश, विनोद, प्रियांशु जोशी, जितेंद्र पांडे सहित अनेक आचार्य उपस्थित रहे।
