कोलकाता, 04 जून । पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिजनों के लिए लंबे समय से लंबित महंगाई राहत (डीआर) और महंगाई भत्ता (डीए) का भुगतान शुरू कर दिया है। नवान्न की ओर से जारी सूचना के अनुसार, 2008 से 2015 की अवधि के बकाया डीआर का भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।
नवान्न द्वारा 29 मई को जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी कर्मचारी या पेंशनभोगी का निधन हो चुका है, तो ऐसी स्थिति में बकाया राशि उनके नामित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी को प्रदान की जाएगी। सरकार के अनुसार, कई मामलों में भुगतान प्रक्रिया के दौरान यह पाया गया कि लाभार्थी की मृत्यु हो चुकी है, जिससे भुगतान में तकनीकी और प्रशासनिक जटिलताएं उत्पन्न हो रही थीं। इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए पहले ही नई गाइडलाइन लागू की गई थी।
नई व्यवस्था के तहत, यदि किसी कर्मचारी या पेंशनभोगी ने नामांकन दर्ज कराया है, तो बकाया राशि सीधे उसी नामित व्यक्ति के बैंक खाते में भेजी जाएगी। यदि नामित व्यक्ति और पारिवारिक पेंशनभोगी एक ही हैं, तो भुगतान सीधे उनके खाते में किया जाएगा। वहीं, नामांकन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में कानूनी उत्तराधिकारियों को आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे, जिसके सत्यापन के बाद भुगतान किया जाएगा।
इसी बीच, वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ते (डीए) का भुगतान भी शुरू कर दिया है। यह भुगतान 2008 के अप्रैल से लेकर 2015 के दिसंबर तक की अवधि से संबंधित बकाया राशि को कवर करता है और इसे भी चरणबद्ध तरीके से जारी किया जा रहा है।
