पड़ोसी देशों समेत दुनिया भर के नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी है और एक राजनेता और दूरदर्शी नेता के रूप में उनकी विरासत पर जोर दिया है। उन्होंने आर्थिक प्रगति और कूटनीति में उनके असाधारण योगदान को याद करते हुए हार्दिक संवेदना व्यक्त की है।
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अपने देश की ओर से भारत के लोगों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने डॉ. सिंह को भारत-अमेरिका संबंधों के एक महत्वपूर्ण वास्तुकार के रूप में याद किया और उन्हें अमेरिका- भारत रणनीतिक साझेदारी के सबसे बड़े समर्थकों में से एक बताया।
एक आधिकारिक बयान में, श्री ब्लिंकन ने कहा कि डॉ. सिंह के काम ने पिछले दो दशकों में भारत और अमेरिका द्वारा मिलकर हासिल की गई अधिकांश उपलब्धियों की नींव रखी। इसमें कहा गया कि अमेरिका-भारत असैन्य परमाणु सहयोग समझौते को आगे बढ़ाने में डॉ. सिंह के नेतृत्व ने अमेरिका-भारत संबंधों में एक बड़े निवेश का संकेत दिया। बयान में कहा गया कि डॉ. सिंह को उनके आर्थिक सुधारों के लिए याद किया जाएगा, जिन्होंने भारत के तेज़ आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया।
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने आईबीएसए (भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका) वार्ता मंच और ब्रिक्स समूह की स्थापना में मनमोहन सिंह के योगदान को याद किया। मनमोहन सिंह को अपना मित्र बताते हुए श्री लूला ने भारत के लोगों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की। श्री लूला ने कहा कि 21वीं सदी के पहले दशक में वे और मनमोहन सिंह समकालीन सरकार में थे और दोनों ने अपने देशों के बीच संबंधों को बढ़ाने और एक अधिक न्यायपूर्ण विश्व बनाने के लिए मिलकर काम किया। श्री लूला ने पूर्व प्रधानमंत्री के साथ अपनी बातचीत को याद किया जो मुख्य रूप से दोनों देशों में विकास के मुद्दों पर केंद्रित थी। उन्होंने 2012 में डॉ. सिंह के साथ अपनी बैठक को याद किया, जब वे राष्ट्रपति नहीं थे और विकास, गरीबी और भुखमरी से निपटने तथा वैश्विक दक्षिण में सहयोग के बारे में अपनी बातचीत को याद किया।
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत ने अपने सबसे शानदार बेटों में से एक को खो दिया है। उन्होंने डॉ. सिंह को अफगानिस्तान के लोगों का अटूट सहयोगी और मित्र बताया। डॉ. सिंह के निधन पर शोक जताते हुए उन्होंने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने भी सोशल मीडिया पर अपना दुख व्यक्त किया तथा डॉ. सिंह को एक दयालु पिता और मालदीव का प्रिय मित्र बताया।
भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने भारत-रूस संबंधों में पूर्व प्रधानमंत्री के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह भारत और रूस के लिए बहुत दुख और शोक का क्षण है। उन्होंने कहा कि भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों में डॉ. मनमोहन सिंह का योगदान अतुलनीय है।
नेपाल की विदेश मंत्री डॉ. आरज़ू राणा देउबा ने नेपाल सरकार और लोगों की ओर से संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, डॉ. मनमोहन सिंह एक दूरदर्शी नेता और सच्चे राजनेता थे, भारत के विकास और वैश्विक कूटनीति में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने भी पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर शोक जताया है।
भारत में फिनलैंड, कोरिया, नॉर्वे के राजदूतों ने भी सोशल मीडिया पर संदेश भेजकर डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक जताया है।
