काठमांडू, 20 मई। नेपाल के सर्वोच्च अदालत की वरिष्ठतम न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल 20 दिनों की छुट्टी पर चली गई हैं। अपने से जूनियर न्यायाधीश के सर्वोच्च अदालत के प्रधान न्यायाधीश नियुक्त होने के बाद मल्ल असंतुष्ट बताई जा रही थीं।
मंगलवार को ही जस्टिस मनोज कुमार शर्मा सर्वोच्च अदालत के प्रधान न्यायाधीश नियुक्त हुए थे। इसके अगले ही दिन मल्ल 20 दिनों की लंबी छुट्टी पर चली गईं।
शर्मा के प्रधान न्यायाधीश नियुक्त होने से पहले, मल्ल ने स्वयं कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश के रूप में अपनी छुट्टी स्वीकृत की थी।
सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीशों को अवकाश पर जाने के लिए प्रधान न्यायाधीश से अनुमति लेनी होती है। सर्वोच्च अदालत के प्रवक्ता अर्जुन प्रसाद कोइराला ने जानकारी दी कि शर्मा द्वारा प्रधान न्यायाधीश का पदभार ग्रहण करने से पहले ही मल्ल ने अपनी छुट्टी स्वयं मंजूर कर ली थी।
इससे पहले मल्ल सर्वोच्च अदालत की न्यायाधीश वरीयता सूची में पहले स्थान पर थीं। उनके बाद दूसरे स्थान पर न्यायाधीश कुमार रेग्मी और तीसरे स्थान पर हरि प्रसाद फुँयाल थे।
इन सभी को पीछे छोड़ते हुए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की रुचि के आधार पर चौथे क्रम में रहे शर्मा को संवैधानिक परिषद ने प्रधान न्यायाधीश पद के लिए सिफारिश की थी।
शर्मा ने मंगलवार को ही राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल के समक्ष शपथ ग्रहण किया। शर्मा के स्वागत के लिए भी मल्ल मंगलवार को सर्वोच्च अदालत में उपस्थित नहीं हुई थीं।
इससे पहले पूर्व प्रधान न्यायाधीश प्रकाशमान सिंह राउत 65 वर्ष की आयु सीमा के कारण सेवानिवृत्त होने के बाद वरिष्ठतम न्यायाधीश मल्ल ने कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
