काठमांडू, 25 मई । नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) की बैठक में करीब दो तिहाई पदाधिकारियों के इस्तीफा मांगने के बावजूद अध्यक्ष ओली ने पद छोड़ने से इंकार कर दिया है। इतना ही नहीं, ओली ने इस्तीफा मांगने वाले पदाधिकारियों को ही पार्टी छोड़ कर जाने की नसीहत दे डाली।
यूएमएल के उपमहासचिव लेखराज भट्ट ने बताया कि पिछले चार दिनों से चल रही बैठक में सोमवार को समापन भाषण देते हुए ओली ने पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ने से इंकार कर दिया है। उन्होंने बताया कि ओली ने पार्टी के महाधिवेशन से निर्वाचित होकर आने के कारण कुछ पदाधिकारियों के कहने से पद नहीं छोड़ने की बात स्पष्ट कर दी है।
इस समय यूएमएल के 19 में से 14 पदाधिकारियों ने ओली को पद से इस्तीफा देकर नए नेतृत्व के लिए रास्ता खाली करने की मांग की। ओली से इस्तीफा मांगने वालो में पार्टी के उपाध्यक्ष विष्णु पौडेल, महासचिव शंकर पोखरेल उपमहासचिव योगेश भट्टराई, रघुवीर महासेठ सहित अधिकांश सचिव शामिल हैं। ओली के पक्ष में सिर्फ 4 पदाधिकारी ही दिखाई दिए, जिनमें वरिष्ठ नेता रामबहादुर थापा, उप महासचिव लेखराज भट्ट, सचिव हिकमत कार्की और महेश बस्नेत शामिल है।
पिछली बैठकों की तुलना में सोमवार की बैठक में ओली अधिक रक्षात्मक नजर आए। उन्होंने कहा कि वे एक स्थापित प्रक्रिया और विधि के तहत पार्टी अध्यक्ष बने हैं, इसलिए कुछ नेताओं की मांग पर वे केवल पद नहीं छोड़ सकते। बैठक के दौरान ओली ने कहा कि पार्टी को एकजुट, अनुशासित और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहना चाहिए। बाहरी शक्तियों द्वारा यूएमएल पर लगातार हमले हो रहे हैं। वर्तमान परिस्थिति में पार्टी की एकता अनिवार्य है। ऐसे समय में हमें विभाजित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि यदि पार्टी के भीतर विभाजन की चर्चाएं बाहर हो रही हैं, तो उन्हें बंद होना चाहिए। समीक्षा और पार्टी पुनर्संरचना की रिपोर्ट आने के बाद हम आगे चर्चा करेंगे। अपने इस्तीफे की लगातार दबाव और पार्टी संगठन की पुनर्संरचना की मांग पर ओली ने पार्टी के कुछ पदाधिकारियों की एक कमेटी बनाई है, जो इस बात का सुझाव देगी कि पार्टी को किस तरह से पुनर्गठन किया जाए।
