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गंगा दशहरा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर गंगे से गूंजे घाट

Date : 25-May-2026

 हरिद्वार, 25 मई । धर्मनगरी में गंगा दशहरा के अवसर पर गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। नगर के हर घाट पर आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। दाेपहर तक 45 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा दशहरा के अवसर पर गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर सुख-समृद्धि और पापों से मुक्ति की कामना की।

ब्रह्ममुहूर्त से ही देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लाखों श्रद्धालु हरकी पैड़ी समेत गंगा घाटों पर स्नान और पूजा-अर्चना के लिए जुटने लगे। हर-हर गंगे और जय मां गंगे के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। हरकी पैड़ी पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलीं। रविवार को जहां करीब 27 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया था, वहीं सोमवार सुबह गंगा आरती के बाद ही श्रद्धालुओं की संख्या 16 लाख तक पहुंच गई। दोपहर तक यह आंकड़ा 45 लाख पहुंच गया।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पूरे मेला क्षेत्र को 11 जोन और 27 सेक्टर में बांटा गया है। घाटों, पार्किंग स्थलों और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों से निगरानी की गयी। सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस, पीएसी, पैरामिलिट्री फोर्स, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की भी तैनाती की गई। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए हाईवे पर भारी वाहनों की एंट्री रोक दी गई और रूट डायवर्जन प्लान लागू किया गया। शहर की पार्किंग फुल होने की स्थिति में बैरागी कैंप में अतिरिक्त पार्किंग की व्यवस्था की गई।

एसएसपी नवनीत सिंह ने स्वयं हरकी पैड़ी पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। तड़के से आरम्भ हुआ स्नान का सिलसिला दिन भर अनवरत जारी रहा। हरकी पैड़ी के अतिरिक्त गंगा के तमाम घाटों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। गंगा दशहरा पर तीर्थनगरी के आश्रम-अखाड़ों, मठ-मंदिरों में भी विशेष धार्मिक आयोजन हुए। लोगों ने गंगा स्नान के पश्चात देव दर्शन की दान आदि कर्म कर सुख-समृद्धि की कामना की।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मां गंगा राजा भगीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव की जटाओं से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। इसी उपलक्ष्य में गंगा दशहरा पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य करने से व्यक्ति को दस प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। यही कारण है कि हर वर्ष इस पर्व पर लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। इस दिन दस प्रकार की वस्तुओं के दान देने का भी विधान है।


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