03 जून। अमेरिका के न्यू हैम्पशायर स्थित एक विश्वविद्यालय के लगभग 2,000 अंतरराष्ट्रीय स्नातकोत्तर छात्रों का भविष्य वीजा संबंधी मंजूरी में देरी के कारण संकट में पड़ सकता है। यदि अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) नए डॉक्टरेट कार्यक्रम से संबंधित लंबित आवेदन को जल्द मंजूरी नहीं देता है, तो विश्वविद्यालय को बड़ी संख्या में विदेशी छात्रों का नामांकन खोना पड़ सकता है।
यह मामला अमेरिकी सीनेट की विनियोग उपसमिति की बैठक के दौरान सामने आया, जहां न्यू हैम्पशायर की सीनेटर जीन शाहीन ने न्यू इंग्लैंड कॉलेज में विदेशी छात्रों के नामांकन से जुड़ी देरी पर चिंता जताई।
सीनेटर शाहीन ने गृह सुरक्षा सचिव मार्कवेन मुलिन से कहा कि कॉलेज के सामने 1 जुलाई की महत्वपूर्ण समयसीमा है और यदि तब तक मंजूरी नहीं मिली, तो लगभग 2,000 स्नातकोत्तर छात्र प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा, “जैसा कि मैंने फोन पर बताया था, यह बेहद जरूरी मामला है क्योंकि 1 जुलाई तक मंजूरी नहीं मिलने पर कॉलेज संभावित रूप से 2,000 स्नातकोत्तर छात्रों को खो सकता है।”
शाहीन ने बताया कि यह विश्वविद्यालय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), राष्ट्रीय सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन और अन्य उच्च मांग वाले क्षेत्रों के लिए छात्रों को तैयार करता है।
उन्होंने कहा, “यह ऐसा संस्थान है जो एआई, राष्ट्रीय सुरक्षा, स्वास्थ्य प्रबंधन और कई अन्य उच्च कौशल वाले पेशों के लिए छात्रों को प्रशिक्षित करता है। यह स्थानीय समुदाय और राज्य की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
सीनेटर ने विभाग से यह भी पूछा कि एफ-1 छात्र वीजा के तहत नए ‘डॉक्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन’ कार्यक्रम में विदेशी छात्रों के नामांकन संबंधी आवेदन की वर्तमान स्थिति क्या है।
गृह सुरक्षा सचिव मार्कवेन मुलिन ने मामले की गंभीरता स्वीकार करते हुए कहा कि विभाग ने इस पर काम शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा, “हमें कॉलेज का संपर्क बिंदु मिल गया है और उसे अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) को भेज दिया गया है।”
मुलिन ने बताया कि इस मुद्दे पर हाल ही में चर्चा हुई थी और विभाग इसकी समीक्षा कर रहा है।
उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि अभी कोई बड़ा अपडेट होगा क्योंकि हमने इस पर पिछले सप्ताह ही चर्चा की थी, लेकिन हम इस पर काम कर रहे हैं।”
जब शाहीन ने बताया कि कॉलेज को अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है, तो मुलिन ने तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा, “यदि उन्हें अब तक जवाब नहीं मिला है तो उन्हें आज ही, या अधिकतम कल तक जवाब मिल जाएगा।”
यह मामला अमेरिकी विश्वविद्यालयों में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के बढ़ते महत्व को भी रेखांकित करता है। विशेष रूप से विज्ञान, प्रौद्योगिकी, व्यवसाय और स्वास्थ्य क्षेत्र के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में विदेशी छात्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
एफ-1 वीजा कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए अमेरिका में अध्ययन का प्रमुख माध्यम है। हाल के वर्षों में भारत अमेरिका में विदेशी छात्रों का सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभरा है। विशेषकर प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, व्यवसाय और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में भारतीय छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
