छत्तीसगढ़ पेण्ड्रा। आंदोलन में उठी नाराज़गी की आवाज़ आंदोलनकारियों ने दी चेतावनी धरना-प्रदर्शन का संचालन और नेतृत्व मुख्यमंत्री को सौंपा गया 11 सूत्रीय मांग पत्र प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता व राहत प्रदान की जाए। वर्ष 2019 से लंबित डीए एरियर्स की राशि GPF में समायोजित की जाए। पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक कर वेतन विसंगतियों का समाधान किया जाए। 8, 16, 24, 32 वर्ष की सेवा पर चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान लागू किया जाए। सहायक शिक्षकों व पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान मिले। नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित वेतन और समयबद्ध पदोन्नति दी जाए। प्रदेश में कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू की जाए। अनुकंपा नियुक्ति में 10% सीलिंग हटाकर इसे निःशर्त लागू किया जाए। अर्जित अवकाश का नगदीकरण 300 दिवस तक किया जाए। प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना हो और पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए। सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए और संविदा/दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए। इस बड़े धरना-प्रदर्शन में जिलेभर से विभिन्न विभागों के कर्मचारी, अधिकारी और पेंशनर बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिससे सरकार के प्रति कर्मचारियों की नाराजगी साफ झलक रही थी।
विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा द्वारा "मोदी की गारंटी" के तहत कर्मचारियों से किए गए वादों के अब तक पूरे न होने पर नाराज़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले जिलेभर के हजारों कर्मचारी-अधिकारी शुक्रवार, 22 अगस्त को सामूहिक अवकाश लेकर ज्योतिपुर, पेण्ड्रारोड में धरना-प्रदर्शन पर बैठे। प्रदर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार शेष नारायण जायसवाल को सौंपा गया।
कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव के दौरान घोषणा पत्र में कर्मचारियों की समस्याओं को 100 दिनों में सुलझाने का वादा किया था, परंतु सरकार बने 700 दिन से अधिक हो चुके हैं और एक भी वादा पूरा नहीं किया गया। यहां तक कि महंगाई भत्ता (DA) भी केंद्र के समान देय तिथि से नहीं दिया जा रहा है।
नेताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी 11 सूत्रीय मांगें पूरी नहीं हुईं तो आने वाले समय में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया कि जो सरकारें कर्मचारियों की उपेक्षा करती हैं, उनका पतन तय होता है। इस आंदोलन को प्रशासनिक अधिकारी संघ समेत अन्य संगठनों का भी समर्थन प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का संचालन अजय चौधरी ने किया। इस अवसर पर डॉ. संजय शर्मा (जिला संयोजक), सचिन तिवारी, केबी दीक्षित, कमाल खान, दिनेश राठौर, पीयूष गुप्ता, अरविंद सोनी, प्रकाश रैदास, राजकिशोर टंडन, कविता शर्मा, अजय सप्रे समेत कई कर्मचारी नेताओं एवं संगठनों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया।
धरना-प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री के नाम दिए गए 11 सूत्रीय ज्ञापन में प्रमुख मांगें शामिल थीं:
अंशु सोनी
