आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) को आज सात साल पूरे हो गए हैं। सितंबर 2018 में रांची से शुरू की गई यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा योजना बन चुकी है, जिसने अब तक 55 करोड़ से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाई हैं।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को ₹5 लाख तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा मिलता है, जिससे पूरे देश में कैशलेस और कागज़ रहित उपचार की सुविधा सुलभ हो पाई है। अब तक इस योजना के अंतर्गत 10.30 करोड़ से अधिक अस्पतालों में भर्ती की सुविधा दी जा चुकी है, जिससे कुल मिलाकर ₹1.48 लाख करोड़ से अधिक की कैशलेस चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जा चुकी है।
योजना में हाल के प्रमुख विस्तार:
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2022 में लाभार्थी आधार को बढ़ाकर 12 करोड़ परिवारों तक विस्तारित किया गया।
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2024 में आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा उनके परिवारों को भी योजना में शामिल किया गया।
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70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान वय वंदना कार्ड के माध्यम से सार्वभौमिक कवरेज में लाया गया।
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लगभग 1 करोड़ गिग और प्लेटफ़ॉर्म कर्मचारियों को भी इस योजना से जोड़ा जा रहा है।
देशभर में अब तक 1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जा चुके हैं, जो लोगों को सुरक्षित, सम्मानजनक और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच प्रदान कर रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने योजना की सातवीं वर्षगांठ पर सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई देते हुए कहा कि "स्वस्थ भारत ही विकसित भारत की कुंजी है।" उन्होंने योजना की सफलता को सरकार, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।
यह योजना न केवल स्वास्थ्य सेवा की पहुंच को व्यापक बनाने में सफल रही है, बल्कि गरीब और कमजोर वर्गों को आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान कर रही है, जिससे भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज का सपना एक वास्तविकता बन रहा है।
