प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आईसीटी-सक्षम बहु-मॉडल प्लेटफ़ॉर्म के तहत आयोजित प्रगति की 49वीं बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें देश के 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का जायजा लिया गया।
बैठक में खनन, रेलवे, जल संसाधन, औद्योगिक गलियारे और बिजली जैसे आठ प्रमुख क्षेत्रों की परियोजनाओं की समीक्षा की गई, जिनका कुल निवेश 65,000 करोड़ रुपये से अधिक है। ये परियोजनाएं आर्थिक विकास और जनकल्याण के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों को स्पष्ट समयसीमा पर काम करने, प्रभावी अंतर-एजेंसी समन्वय स्थापित करने और किसी भी बाधा का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यान्वयन में देरी से लागत दोगुनी हो जाती है और नागरिकों को आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में बाधा आती है।
प्रधानमंत्री ने केंद्र और राज्य दोनों स्तरों के अधिकारियों से परिणाम-उन्मुख दृष्टिकोण अपनाने की अपील की, ताकि परियोजनाओं से लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो और व्यवसाय के लिए अनुकूल वातावरण बने।
प्रगति मंच केंद्रीय और राज्य सरकारों को जोड़कर प्रमुख परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने, समस्याओं को दूर करने और समय पर परिणाम सुनिश्चित करने में मदद करता है। यह मंच भारत की विकास यात्रा को और भी तेज़ करने का एक महत्वपूर्ण साधन है।
