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अयोध्या में रामपथ पर पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों का निकला पथ संचलन

Date : 02-Oct-2025

  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर संघ शताब्दी वर्ष मना रहा है। गुरुवार को रामनगरी अयोध्या के राम कथा पार्क से शताब्दी वर्ष का आगाज विजय दशमी उत्सव से हुआ। इस अवसर पर राम कथा पार्क से राम मंदिर के मुख्य द्वार तक स्वयंसेवकों का पथ संचलन निकला। इस समारोह में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ऋषभदेव जन्मभूमि दिगंबर जैन बड़ी मूर्ति अध्यक्ष और पीठाधीश रवींद्र कीर्ति स्वामी ने किया।

 
मण्डल व बस्ती स्तर पर होंगे पथ संचलनराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अवध प्रांत प्रांत प्रचारक कौशल ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि संघ की स्थापना डाॅ. केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में विजयादशमी के दिन नागपुर में की थी। विजयादशमी के दिन आज से शताब्दी वर्ष का शुभारंभ हो गया है। देशभर में आयोजित विजयादशमी उत्सवों में सभी स्वयंसेवक शामिल होंगे। विजयादशमी के अवसर पर संघ की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में मण्डल स्तर पर और शहरों में बस्ती स्तर पर पथ संचलन निकाला जायेगा। अवध प्रान्त में 2 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक पथ संचलन के कार्यक्रम स्वयंसेवकों द्वारा होंगे।
 
खण्ड व नगर स्तर पर होंगी सामाजिक सदभाव बैठकेंशताब्दी वर्ष में नवंबर माह में संघ की ओर से खंड व नगर स्तर पर सामाजिक सद्भाव बैठकें आयोजित की जाएंगी। उसमें एक साथ मिलकर रहने पर बल दिया जाएगा। इन बैठकों का उद्देश्य है कि निर्दोष, निर्भय व संगठित हिन्दू समाज खड़ा हो। सभी जाति या बिरादरी के भेदभाव से ऊपर उठकर हिन्दू सोचें एवं देशभक्ति का भाव जगा कर राष्ट्रकार्य में सहभागी बनें। राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान में सहभागी हों।
 
व्यापक गृह संपर्क अभियान शुरू करेगा संघशताब्दी वर्ष में संघ विश्व का सबसे बड़ा गृह सम्पर्क अभियान शुरू करेगा। इस संपर्क अभियान के तहत हर गांव, हर बस्ती के अधिकतम घरों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। शताब्दी वर्ष के सारे कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज के सभी लोगों तक जाना और सभी कार्यों में उनकी सहभागिता हो। यह अभियान एक तरह से सर्वसमावेशी, सर्वस्पर्शी होगा। गृह संपर्क के दौरान संघ साहित्य और भारत माता का चित्र वितरित किया जाएगा।
 
देशभर में होंगे हिन्दू सम्मेलनशताब्दी वर्ष में संघ विश्व का सबसे बड़ा गृह सम्पर्क अभियान शुरू करेगा। इसके दौरान समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से ग्रामीण क्षेत्रों में मंडल और शहरी क्षेत्रों में बस्ती स्तर पर हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। हिन्दू सम्मेलनों में समाज के उत्सवों, सामाजिक एकता व सद्भाव व पंच परिवर्तन में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी का संदेश दिया जाएगा।
 
फरवरी 2026 में जिला स्तर पर प्रमुख नागरिक गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। समूह, व्यवसाय, वर्ग के अनुसार गोष्ठियों में भारत के विचार, भारत के गौरव, भारत के स्व, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुम्ब प्रबोधन व नागरिक कर्तव्य आदि विषयों पर चर्चा होगी। सितंबर 2026 में युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम प्रांतों की ओर से आयोजित किए जाएंगे। 15 से 30 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए राष्ट्र निर्माण, सेवा गतिविधियों और पंच परिवर्तन पर केंद्रित कार्यक्रम किए जाएंगे। प्रान्त के अनुसार कार्यक्रमों की योजना बनायी गयी है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से युवाओं में संघ संस्कारों का बीजारोपण किया जायेगा और उनमें देश समाज की भावना जागृत की जायेगी। 25 सितम्बर से 10 अक्टूबर 2026 तक अधिकतम स्थानों पर शाखा शुरू करने के प्रयास किये जायेंगे। वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रम के माध्यम से अधिकतम स्थानों पर नया सम्पर्क आयेगा। इसलिए स्वयंसेवक अधिकतम स्थानों पर शाखा लगाने में जुटेंगे।
 

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