सरकार ने "ऑनलाइन गेमिंग नियम, 2025 के प्रचार और विनियमन" के मसौदे पर जनता से सुझाव और प्रतिक्रियाएं आमंत्रित की हैं। यह मसौदा ऑनलाइन गेम्स की मान्यता, वर्गीकरण और पंजीकरण के साथ-साथ ऑनलाइन सोशल गेम्स और ई-स्पोर्ट्स के प्रचार हेतु नियामक ढाँचे का प्रस्ताव करता है।
प्रस्तावित नियमों में भारतीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण की भूमिका, शक्तियाँ और कार्य निर्धारित किए गए हैं। साथ ही, नियमों में गेम पंजीकरण के निलंबन या रद्दीकरण, नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना, और शिकायत निवारण प्रणाली जैसे प्रावधान शामिल हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने एक बयान में कहा है कि आम जनता, स्टेकहोल्डर्स और विशेषज्ञ इस मसौदे पर 31 अक्टूबर तक अपनी राय और टिप्पणियाँ ईमेल के माध्यम से भेज सकते हैं: [email protected]।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि भेजी गई प्रतिक्रियाओं को किसी भी स्तर पर सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। यह मसौदा "ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम, 2025" की धारा 19 के तहत तैयार किया गया है और अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक प्रक्रियात्मक रूपरेखा प्रदान करता है।
यह कदम देश में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र को संरचित और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
