वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में आयोजित कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर 8% की जीडीपी वृद्धि दर आवश्यक है।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वैश्विक अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि घरेलू कारकों पर मजबूती से आधारित है। सीतारमण ने यह भी कहा कि भारत वैश्विक झटकों का सामना करने में सक्षम है और इसकी आर्थिक संरचना लचीली बनी हुई है।
अपने संबोधन में उन्होंने वैश्विक संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला, ताकि वे मौजूदा वैश्विक चुनौतियों और विकासशील देशों की जरूरतों को बेहतर ढंग से संबोधित कर सकें।
वित्त मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत तेज़ आर्थिक विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को और मजबूत कर रहा है।
