कोलंबिया में राहुल गांधी के बयान पर भाजपा क्षुब्ध , कहा-विदेशी धरती पर बार बार कर रहे हैं भारत का अपमान | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

National

कोलंबिया में राहुल गांधी के बयान पर भाजपा क्षुब्ध , कहा-विदेशी धरती पर बार बार कर रहे हैं भारत का अपमान

Date : 03-Oct-2025

नई दिल्ली, 3 अक्टूबर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कोलंबिया में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान की कड़ी निंदा करते हुए आज कहा कि वह विदेशी धरती पर देश का बार बार अपमान कर रहे है और जानबूझ कर देश की खूबियाें काे नजरअंदाज करके लगातार भारत विरोधी टिप्पणियां कर रहे हैं।

पार्टी प्रवक्ता डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि बीते 24 से 36 घंटे में देश ने दो प्रकार के दृश्य देखे। एक, विगत 100 वर्षों से देश के लिए निरंतर समर्पित राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक उत्थान के लिए अपना प्रतिपल समर्पित करने वाले विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी पूर्ण होना और उस शताब्दी अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा एक ऐसा सिक्का जारी हुआ, जिसमें संभवत: स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार किसी भारत की मुद्रा पर मां भारती का चित्र अंकित है। और इन्हीं 24 घंटे में देश ने दूसरा दृश्य देखा कि 140 साल पुरानी पार्टी एक ब्रिटिश ऑफिसर एओ ह्यूम के द्वारा स्थापित पार्टी, जिसके पहले 15 साल में अनेक ब्रिटिश सेक्रेटरी अध्यक्ष रहे और 100 साल से जिसका एक ही परिवार का उस पर वर्चस्व है। इसके बावजूद भी इस संगठन के पतन और सत्ता टूटने की बदहवासी में उनके खानदान के बरखुदार के द्वारा, जो आज भारत विरोधी शक्तियों के सरदार बनते प्रतीत हो रहे हैं। उन्होंने विदेश की धरती से एक और ऐसा बयान दिया है, जिसमें कुछ भी आश्चर्यजनक नहीं है। सवाल ये उठता है कि राहुल गांधी जब विदेश जाते हैं तो उन्हें ये क्यों नहीं दिखाई पड़ता है कि कैंब्रिज यूनिवर्सिटी ने दिसंबर 2024 में बकायदा रिसर्च की है कि मोदी जी के नेतृत्व में भारत का डिजिटल ट्रासफॉर्मेशन कैसा हुआ, इस पर एक केस स्टडी की है। ये राहुल गांधी को क्यों नहीं दिखाई पड़ता। राहुल गांधी सहित इंडी गठबंधन को मोदियाबिंद हो गया है।

उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने ऐसा किया है, क्योंकि विदेशों में भारत की छवि खराब करने वाले बयानों का उनका लंबा इतिहास रहा है। 6 मार्च 2023 को लंदन के चैथम हाउस में उन्होंने सवाल किया था कि लोकतंत्र के रक्षक, अमेरिका और यूरोप, चुप क्यों हैं। क्या इससे बड़ा अपमान और हो सकता है? जब राहुल गांधी विदेश यात्रा पर जाते हैं, तो वे इस तथ्य को क्यों नज़रअंदाज़ कर देते हैं कि दिसंबर 2024 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने मोदी सरकार के तहत भारत के डिजिटल परिवर्तन पर एक केस स्टडी की थी। जबकि वे बेतुके बयान देते हैं, स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की वही रिपोर्ट बताती है कि वैश्विक एआई कौशल प्रसार में भारत पहले स्थान पर है।

उन्होंने कहा कि ग्लोबल टाइम्स ने जनवरी 2023 में कहा कि भारत ने कुछ सालों में अपनी अर्थव्यवस्था में जिस तेजी से ढांचागत सुधार किया है उससे भारत बहुत शक्तिशाली बना है। विदेश में जाकर बोलने वाले राहुल गांधी जी को ये चीजें क्यों नजर नहीं आती है।

उन्होंने पूछा कि राहुल गांधी में ऐसी कौन सी प्रतिभा है जिसके लिए उन्हें विदेश की यूनिवर्सिटीज बुलाती हैं, जबकि कांग्रेस में एक से एक बुद्धिमान लोग हैं, उन्हें नहीं बुलाया जाता। और एक बात है कि राहुल गांधी को भारत में किसी भी यूनिवर्सिटीज में नहीं बुलाया जाता है। फिर सवाल ये है कि भारत के बाहर ही उनको क्यों बुलाया जाता है। ये अपनेआप में यक्ष प्रश्न है।

उल्लेखनीय है कि कोलंबिया की ई आई ए विश्वविद्यालय में राहुल गांधी ने कहा है कि भारत पर सबसे बड़ा खतरा लोकतंत्र पर हो रहा हमला है। भारत में कई धर्म, परंपराएं और भाषाएं हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सबको जगह मिलती है। लेकिन इस वक्त लोकतांत्रिक व्यवस्था पर चौतरफा हमला हो रहा है। राहुल ने कहा कि भारत चीन की तरह अपने लोगों को दबा कर नहीं चल सकता।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement