प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि हाल ही में शुरू की गई पीएम-सेतु योजना देश के युवाओं को वैश्विक कौशल मांगों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में आयोजित कौशल दीक्षांत समारोह के दौरान योजना की शुरुआत करते हुए कही।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पूरे देश में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) का एक सशक्त नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य न केवल मौजूदा औद्योगिक जरूरतों को पूरा करना है, बल्कि अगले दस वर्षों में उभरती हुई वैश्विक कौशल आवश्यकताओं का अनुमान लगाकर युवाओं को उसके अनुरूप प्रशिक्षित करना भी है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने 62,000 करोड़ रुपये से अधिक की युवा-केंद्रित पहलों का भी अनावरण किया, जो शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता को व्यापक रूप से बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि पीएम-सेतु योजना के तहत देश भर के 1,000 से अधिक आईटीआई संस्थानों को लाभ होगा, जिन्हें आधुनिक तकनीक और मशीनों से उन्नत किया जाएगा। यह पहल युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर उन्हें भारत और विदेशों में बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।
