सिडको के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विजय सिंघल ने आकाशवाणी से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री 8 अक्टूबर को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे, जो दिसंबर से चालू हो जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि हवाई अड्डे को 30 सितंबर को विमानन सुरक्षा नियामक डीजीसीए से अपना हवाई अड्डा लाइसेंस प्राप्त हुआ। यह परियोजना नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे द्वारा कई चरणों में विकसित की जा रही है, जिसमें अडानी समूह की 74% हिस्सेदारी है, और शेष 26% महाराष्ट्र सरकार के भूमि विकास प्राधिकरण सिडको के पास है।
परियोजना का विवरण देते हुए, सिंघल ने बताया कि यह मुंबई महानगर क्षेत्र में सेवा प्रदान करने वाला दूसरा हवाई अड्डा होगा और मौजूदा छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से दोगुना बड़ा होगा। 1,160 हेक्टेयर में फैले इस हवाई अड्डे का विकास सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत चार चरणों में किया जा रहा है, जिसमें सिडको की 26 प्रतिशत और एनएमआईएएल की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी है। पहला टर्मिनल 2 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता के साथ बनकर तैयार हो चुका है। पूरी तरह से चालू होने के बाद, यह हवाई अड्डा प्रति वर्ष 9 करोड़ यात्रियों और 35 लाख टन माल की ढुलाई करने में सक्षम होगा।
पहले चरण की लागत 19,646 करोड़ रुपये है। रनवे को सभी प्रकार के विमानों के आवागमन के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसकी अनूठी विशेषताओं में एक स्वचालित पीपल मूवर प्रणाली है जो सभी टर्मिनलों को भूमिगत सुरंगों के माध्यम से जोड़ती है, जिससे यात्री किसी भी टर्मिनल पर चेक-इन कर सकते हैं और उनका सामान स्वचालित रूप से सही टर्मिनल पर पहुँच जाता है। हवाई अड्डे में सड़क, रेल और जलमार्ग सहित बहु-मोडल कनेक्टिविटी होगी। पास के तारघर से वाटर टैक्सी सेवाएँ संचालित होंगी, जबकि अटल सेतु के माध्यम से सड़क संपर्क को मजबूत किया जाएगा। प्रस्तावित "गोल्ड लाइन" मेट्रो मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को सीधे नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ेगी।
