भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने 93वें वायुसेना दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज के अनिश्चित वैश्विक परिदृश्य में वायु शक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा का एक निर्णायक साधन बन चुकी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय वायुसेना किसी भी चुनौती का तेज़ी, सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख
एयर चीफ मार्शल ने अपने संबोधन में हाल में चलाए गए "ऑपरेशन सिंदूर" का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिसके तहत पहलगाम आतंकी हमले का करारा जवाब दिया गया। उन्होंने बताया कि जब दुश्मन ने नागरिक आबादी और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश की, तब वायुसेना ने सटीक और मापे-तुले हमलों के माध्यम से जवाब देकर दुश्मन को शांति वार्ता के लिए मजबूर कर दिया।
वायुसेना दिवस का महत्व
एयर चीफ मार्शल ने कहा कि वायुसेना दिवस उन वीर वायु योद्धाओं को समर्पित है जिन्होंने त्याग, साहस और परिश्रम से देश के आसमान की रक्षा की है। उन्होंने वायुसेना की बदलती रणनीतियों, तकनीकी क्षमताओं और तेज़ी से बढ़ती प्रतिक्रिया क्षमता को देश के लिए एक सुरक्षा कवच बताया।
यह संदेश न केवल वायुसेना के जुझारूपन को दर्शाता है, बल्कि भारत की रक्षा तैयारियों और संप्रभुता की रक्षा के प्रति उसकी अडिग प्रतिबद्धता को भी स्पष्ट करता है।
