लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को लेह ज़िले में कुछ प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाने और शहर में शांति एवं सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया है। यह निर्णय कल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद लिया गया।
बैठक में लेह जिले की कानून-व्यवस्था और स्थिति पर चर्चा हुई, जो पिछले महीने 24 तारीख से बीएनएसएस की धारा 163 के तहत बंद थी, क्योंकि हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि सकारात्मक जन प्रतिक्रिया के चलते स्थिति में सुधार हो रहा है। उपराज्यपाल ने आवश्यक सेवाओं का आकलन किया और ज़िला प्रशासन, पुलिस तथा सुरक्षा एजेंसियों के समन्वित प्रयासों की प्रशंसा की, जिससे क्षेत्र में सद्भाव और सामान्य स्थिति बनी हुई है।
कविंदर गुप्ता ने उत्तरदायी और जन-केंद्रित शासन की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए अधिकारियों को स्थानीय समुदायों के साथ निकट संपर्क बनाए रखने और शिकायतों का त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने लद्दाख के लोगों के धैर्य और लचीलेपन की सराहना करते हुए आश्वासन दिया कि सरकार उनके हितों की रक्षा, जीवन स्तर सुधार और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
इसी बीच, जिला मजिस्ट्रेट, लेह ने आज से कॉलेजों को पुनः खोलने की अनुमति दी है। इस छूट के साथ विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर सभी औपचारिक शिक्षा संस्थान अब पूरी तरह से कार्यरत हो गए हैं। साथ ही, लेह जिले में व्यावसायिक संचालन की अवधि भी शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 8 बजे कर दी गई है।
