भारत ने अबू धाबी में आयोजित विश्व संरक्षण कांग्रेस में जैव विविधता संरक्षण को मज़बूत करने के उद्देश्य से अपने राष्ट्रीय रेड लिस्ट रोडमैप और विज़न का अनावरण किया। यह पहल केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह द्वारा एशिया पवेलियन में लॉन्च की गई।
यह रेड लिस्ट 2030 तक देश की संरक्षण रणनीति को दिशा देगी और विशेष रूप से उन लुप्तप्राय प्रजातियों की पहचान में मदद करेगी जिनके लिए केंद्रित संरक्षण प्रयासों की आवश्यकता है। इस अवसर पर अपने संबोधन में मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने इस बात पर बल दिया कि रेड लिस्ट जैसे वैज्ञानिक दस्तावेज़ संरक्षण प्राथमिकताओं की पहचान करने और संसाधनों को प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
भारत, जो विश्व के 17 महाविविध देशों में से एक है, चार वैश्विक जैव विविधता हॉटस्पॉट और 20,000 से अधिक समुद्री प्रजातियों सहित हज़ारों स्थानिक प्रजातियों का निवास स्थल है। यह नई रेड लिस्ट पहल आईयूसीएन के वैश्विक मानकों के अनुरूप है और साक्ष्य-आधारित संरक्षण नीतियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ 2030 तक राष्ट्रीय रेड डेटा बुक्स के प्रकाशन को भी समर्थन देगी।
