रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत लगातार अपने रक्षा उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र को उदार और व्यापार-अनुकूल बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। विभिन्न नीतिगत हस्तक्षेपों और प्रक्रियाओं के सरलीकरण के माध्यम से रक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं।
सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के सहायक रक्षा मंत्री पीटर खलील के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान श्री सिंह ने बताया कि भारत का रक्षा निर्यात पिछले वर्ष लगभग ₹23,622 करोड़ तक पहुंच चुका है, और अब भारतीय कंपनियाँ लगभग 100 देशों को रक्षा उत्पाद निर्यात कर रही हैं।
रक्षा मंत्री ने ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को भारतीय रक्षा उद्योग के साथ साझेदारी के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि दोनों देश प्रणोदन प्रौद्योगिकियों, स्वायत्त पानी के नीचे के वाहनों, उड़ान सिमुलेटरों और उन्नत सामग्रियों जैसी उच्च-स्तरीय प्रणालियों के सह-विकास और सह-उत्पादन में मिलकर काम कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और ऑस्ट्रेलिया के रक्षा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी समूह के बीच पहले से ही टोड ऐरे सेंसर तकनीक पर सहयोग जारी है। इसके अलावा, उन्होंने घोषणा की कि वर्ष के अंत तक क्वांटम प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा, सूचना युद्ध और उन्नत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं भी तलाशने की योजना है।
