भारतीय चावल निर्यातक महासंघ (IREF) ने घोषणा की है कि भारत अंतर्राष्ट्रीय चावल सम्मेलन 2025 के लिए सभी टिकट बिक चुके हैं। यह बहुप्रतीक्षित दो दिवसीय आयोजन 30 और 31 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित होगा।
इस सम्मेलन का उद्देश्य चावल की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को एक मंच पर लाना है। इसमें करीब 150 प्रदर्शक कंपनियाँ भाग लेंगी, जो चावल उत्पादन में उपयोग होने वाले नवाचारों, तकनीकों और प्रीमियम चावल किस्मों का प्रदर्शन करेंगी।
आयोजकों के अनुसार, यह सम्मेलन अब तक का वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा चावल सम्मेलन होगा, जिसमें 80 से अधिक देशों के 1,000 से अधिक विदेशी खरीदार और भारत भर से लगभग 5,000 किसान भाग लेंगे।
प्रदर्शनी में विशेष रूप से जीआई-टैग और प्रीमियम गैर-बासमती चावल किस्में जैसे – काला नमक, काली काशा, गोविंद भोग, इंद्रायणी जोहा और काला चावल को प्रस्तुत किया जाएगा। ये किस्में अपने क्षेत्रीय मूल के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन अभी तक इन्हें वैश्विक स्तर पर उतनी पहचान नहीं मिली है।
