सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग करने वाली याचिकाओं पर उत्तर दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।
मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें केंद्र से जम्मू-कश्मीर को शीघ्र राज्य का दर्जा वापस देने के अपने पूर्व आश्वासन को लागू करने की अपील की गई है।
केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि जम्मू-कश्मीर में काफी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि हाल ही में वहां विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुए हैं और संविधान पीठ के निर्णय के अनुरूप एक निर्वाचित सरकार भी स्थापित हो चुकी है।
मेहता ने यह भी दोहराया कि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ द्वारा अनुच्छेद 370 हटाने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के फैसले को वैध ठहराया जा चुका है।
अब अगली सुनवाई में केंद्र के उत्तर के आधार पर कोर्ट आगे की कार्यवाही तय करेगा।
