अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली ने देश में पहली बार रोबोट-सहायता प्राप्त किडनी प्रत्यारोपण सर्जरी करके एक महत्वपूर्ण चिकित्सा उपलब्धि हासिल की है।
आकाशवाणी समाचार से बातचीत में, रीनल ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. वीरेंद्र कुमार बंसल ने बताया कि एम्स देश का पहला सरकारी संस्थान है जिसने इस उन्नत तकनीक से सर्जरी की है। उन्होंने कहा कि पहली सफल सर्जरी गत माह की 3 तारीख को की गई थी और अब तक पांच मरीजों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है।
डॉ. बंसल ने पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में इस तकनीक के कई लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रोबोट-सहायता से मरीजों की रिकवरी तेजी से होती है और अधिकांश मामलों में मरीज एक हफ्ते के भीतर अस्पताल से छुट्टी पा जाते हैं। उन्होंने इस सर्जरी को पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी बताया।
इसके अलावा, डॉ. बंसल ने कहा कि एम्स में यह सेवा निजी अस्पतालों की तुलना में बहुत ही कम खर्च पर उपलब्ध है, जिससे यह अधिक से अधिक मरीजों के लिए सुलभ हो पाती है।
