उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने स्वतंत्रता सेनानी और दिग्गज नेता लोकनायक जयप्रकाश नारायण को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उन्हें 19 वर्ष की आयु में जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व वाली संपूर्ण क्रांति में भाग लेने का सौभाग्य मिला। उन्होंने जयप्रकाश नारायण को एक दूरदर्शी नेता बताया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिक स्वतंत्रता और लोगों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित थे। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए सामाजिक परिवर्तन का प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयप्रकाश नारायण की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने आम नागरिकों को सशक्त बनाया और भारत के संविधान की अखंडता की रक्षा की। उन्होंने जयप्रकाश नारायण को भारत की अंतरात्मा की निर्भीक आवाज़ और सामाजिक न्याय के समर्थक के रूप में याद किया। गुजरात और बिहार में उनके नेतृत्व में हुए आंदोलन देशभर में सामाजिक-राजनीतिक जागृति का कारण बने।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जयप्रकाश नारायण को समानता, सामाजिक सद्भाव और न्याय के आदर्शों को कायम रखने वाला नेता बताया। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान जयप्रकाश नारायण ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की और अधिनायकवाद के खिलाफ देश को प्रेरित किया। शाह ने सामाजिक कार्यकर्ताओं से तानाशाही प्रवृत्तियों के विरुद्ध सतर्क रहने का आग्रह किया।
भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने जयप्रकाश नारायण को एक महान स्वतंत्रता सेनानी और लोकतंत्र का परम भक्त बताते हुए कहा कि आपातकाल के समय उन्होंने लोकतांत्रिक चेतना को जगाया और लोकतंत्र की पुनर्स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण के आदर्श भविष्य की पीढ़ियों को लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और राष्ट्रीय प्रगति के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
