वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत की थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति सितंबर में सालाना आधार पर 0.13 प्रतिशत रह गई, जो अगस्त में 0.52 प्रतिशत थी। पिछले महीने मुद्रास्फीति की सकारात्मक दर मुख्यतः खाद्य उत्पादों, अन्य विनिर्माण, गैर-खाद्य वस्तुओं, अन्य परिवहन उपकरणों और वस्त्रों की कीमतों में वृद्धि के कारण थी।
थोक मूल्य सूचकांक पर खाद्य मुद्रास्फीति की वार्षिक दर नकारात्मक क्षेत्र में, दो प्रतिशत कम दर्ज की गई। प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में 3.32 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि ईंधन और बिजली क्षेत्र में भी 2.58 प्रतिशत की कमी देखी गई। वहीं, विनिर्मित उत्पादों की मुद्रास्फीति पिछले वर्ष की तुलना में बढ़कर 2.33 प्रतिशत हो गई।
WPI थोक स्तर पर कीमतों में बदलाव को मापता है, जबकि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) उपभोक्ता स्तर पर कीमतों में बदलाव को दर्शाता है। इस गिरावट का रुझान खुदरा मुद्रास्फीति में भी देखा गया है, जो सितंबर में आठ साल के निचले स्तर 1.54 प्रतिशत पर आ गई।
