नई दिल्ली, 19 जनवरी । कांग्रेस ने प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए जाते समय कथित तौर पर पुलिस द्वारा रोके जाने और उनके शिष्यों की धक्का मुक्की की घटना को निंदनीय बताया है।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोमवार को यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में इस घटना की निंदा की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूरी कांग्रेस संतों के समर्थन में खड़ी है।
उन्होंने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ जो दुर्व्यवहार किया गया है, उससे सभी दुखी हैं। इस घटना के बाद से शंकराचार्य अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार में किसी को फर्क नहीं पड़ रहा है। संतों के अपमान से सभी दुखी हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में हर जगह कुव्यवस्था का माहौल है। माघ मेले में लोगों के साथ संतों के शाही स्नान की व्यवस्था बहुत पुरानी है। यह व्यवस्था मुगलों, अंग्रेजों से भी पुराने समय से चलती आ रही है। आज तक संतों को शाही स्नान के लिए किसी ने नहीं रोका। एक तरफ इस सरकार में संतों को स्नान करने के लिए रोका जाता है, दूसरी तरफ कुंभ जैसे बड़े आयोजन में अमीर लोगों के स्नान के लिए वीआईपी व्यवस्था की जाती है। यह निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि हम धर्म की राजनीति नहीं करते हैं और न ही इसे बर्दाश्त करेंगे। मौनी अमावस्या का शाही स्नान, एक अखंड परंपरा है। इसे रोका नहीं जा सकता। उन्होंने मांग की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस पर माफी माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरी कांग्रेस संतों के साथ खड़ी है और प्रदेश कांग्रेस जल्दी ही उनके संपर्क में पहुंच कर प्रशासन पर दबाव बनाएगी।
उल्लेखनीय है कि मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के पालकी पर स्नान के समय जाते हुए पुलिस ने भीड़ की वजह से उनसे पालकी छोड़ पैदल जाने का अनुरोध किया था। जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई। उसी समय उनके समर्थकों और पुलिस में धक्का मुक्की हो गई, जिससे नाराज शंकराचार्य ने अनशन शुरू कर दिया।
