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दिल्ली सरकार ने डीयूएमटीए के लिए विधेयक का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की

Date : 06-Feb-2026

 नई दिल्ली, 06 फ़रवरी । दिल्ली सरकार ने एकीकृत परिवहन की दिशा में निर्णायक कदम उठाते हुए दिल्ली यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (डीयूएमटीए) और एक समर्पित दिल्ली अर्बन ट्रांसपोर्ट फंड (डीयूटीएफ) के गठन के लिए विधेयक का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। यह जानकारी आज एक विज्ञप्ति के जरिए दी गई।

विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रस्तावित कानून के शीघ्र और समावेशी मसौदे को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है। टास्क फोर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वह निर्धारित समय-सीमा में विधेयक का मसौदा तैयार कर प्रस्तुत करे, जिससे सरकार की सुधारोन्मुख प्रतिबद्धता और तत्परता स्पष्ट होती है।

इस टास्क फोर्स में परिवहन, शहरी विकास, वित्त, योजना, लोक निर्माण और दिल्ली पुलिस सहित प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी), दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी), राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) और भारतीय रेलवे जैसे प्रमुख नागरिक एवं परिवहन संस्थानों के प्रतिनिधियों को भी इसमें सम्मिलित किया गया है। वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं और स्थानीय आवश्यकताओं के संतुलित समावेश के लिए मुख्यमंत्री ने शहरी परिवहन के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों को सह नामित करने का भी सुझाव दिया है।

इस पहल की पृष्ठभूमि स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की परिवहन एजेंसियां ऐतिहासिक रूप से पृथक रूप से कार्य करती रही हैं, जिससे मार्ग योजना, अवसंरचना विकास और सेवा प्रदायगी में समन्वय की कमी रही है।

उन्होंने कहा कि ‘डीयूएमटीए’ दिल्ली की संपूर्ण शहरी गतिशीलता प्रणाली में समन्वय स्थापित करेगा। मेट्रो, बस, क्षेत्रीय रेल, रेलवे और फीडर सेवाओं जैसे सभी परिवहन साधनों को एकीकृत योजना क्षेत्राधिकार के अंतर्गत लाकर हम यह सुनिश्चित करेंगे कि परिवहन समाधान कुशल, समावेशी और नागरिक केंद्रित हों।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डीयूएमटीए सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, अंतिम मील कनेक्टिविटी सुधारने और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे सड़कों पर जाम में कमी आएगी। उन्होंने रेखांकित किया कि यह पहल वायु प्रदूषण से निपटने की सरकार की दीर्घकालिक रणनीति का एक अहम अंग है। वाहन उत्सर्जन प्रदूषण का एक प्रमुख स्थानीय स्रोत है और सुव्यवस्थित व विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का विस्तार पर्यावरणीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अनिवार्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक समाधानों पर एक साथ काम कर रही है। यह समस्या पिछले वर्षों में संरचनात्मक सुधारों के अभाव में और गंभीर हुई। डीयूएमटीए की स्थापना निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने और दिल्ली के प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ, सुरक्षित और कुशल गतिशीलता उपलब्ध कराने के लिए सबसे महत्वपूर्ण दीर्घकालिक हस्तक्षेपों में से एक होगी।

राष्ट्रीय शहरी परिवहन नीति के तहत बड़े शहरों में एकीकृत महानगरीय परिवहन प्राधिकरण (यूएमटीए) की परिकल्पना की गई है, ताकि शहरी परिवहन की रणनीतिक योजना और समन्वित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। दिल्ली एनसीआर में बढ़ती जनसंख्या, प्रदूषण, सड़कों पर दबाव और सुव्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन की बढ़ती आवश्यकता डीयूएमटीएम की स्थापना को अत्यंत आवश्यक बनाती है।

डीयूएमटीएम की अवधारणा राष्ट्रीय शहरी परिवहन नीति 2006 के अंतर्गत प्रस्तावित यूएमटीए ढांचे के अनुरूप है। इस मॉडल में एकीकृत परिवहन प्राधिकरण को एक नोडल संस्था के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो परिवहन संचालकों, नगर निकायों, यातायात पुलिस और सड़क अवसंरचना एजेंसियों को एक संस्थागत ढांचे में लाता है।

दिल्ली के संदर्भ में प्रस्तावित डीयूएमटीएम से रणनीतिक गतिशीलता योजना की निगरानी, मेट्रो, बस, क्षेत्रीय रेल और फीडर सेवाओं का एकीकरण, एजेंसियों के बीच समन्वय, अधिकार क्षेत्रों के ओवरलैप का समाधान और सार्वजनिक परिवहन की समग्र दक्षता में सुधार की अपेक्षा है। यह एकीकृत टिकटिंग प्रणाली, प्रभावी फीडर कनेक्टिविटी और परिवहन परियोजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन को संभव बनाएगा।

यह पहल दिल्ली में शहरी परिवहन शासन में एक महत्वपूर्ण संस्थागत बदलाव का संकेत देती है। डीयूएमटीएम और इसके साथ प्रस्तावित डीयूटीएफ एक समर्पित वित्तीय तंत्र के रूप में शहर की दीर्घकालिक और बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं के अनुरूप एकीकृत शहरी गतिशीलता योजना को सक्षम बनाएंगे। सरकारी अधिसूचना के अनुसार, टास्क फोर्स तीन सप्ताह के भीतर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगी, जिसके बाद विधेयक को विधायी प्रक्रिया के माध्यम से अंतिम रूप देने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।


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