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कर्नाटक की वित्तीय स्थिति नियंत्रण में, लेकिन केंद्र की नीतियों से बढ़ीं चुनौतियां: सिद्धारमैया

Date : 25-Mar-2026

 बेंगलुरु, 25 मार्च । कर्नाटक विधानसभा के बजट सत्र में चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण चुनौतियां बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान के अनुसार कर्नाटक का राजकोषीय घाटा 2.95 प्रतिशत है, जो महाराष्ट्र (3.0 प्रतिशत), आंध्र प्रदेश (4.5 प्रतिशत), केरल (3.8 प्रतिशत) और तमिलनाडु (3.5 प्रतिशत) की तुलना में कम है।

राजस्व घाटे पर उन्होंने कहा कि यह स्थिति लगभग सभी राज्यों में है, हालांकि कर्नाटक और महाराष्ट्र में यह अपेक्षाकृत कम है।

विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि बजट में संशोधन को राजस्व संग्रह में कमी से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पड़ोसी राज्यों में भी वास्तविक राजस्व संग्रह अनुमान से कम रहा है।

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में संशोधन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसका राज्य की आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। पहले मासिक जीएसटी संग्रह में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि हो रही थी, जो अब घटकर 4 प्रतिशत रह गई है। इससे 2025-26 में करीब 10,000 करोड़ रुपये और 2026-27 में 15,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष में राजस्व घाटा 22,957 करोड़ रुपये रहने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जीएसटी दरों में बदलाव से आम जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिला, बल्कि इसका अधिक फायदा बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों को हुआ।

राज्य के कुल राजस्व में वृद्धि का अनुमान जताते हुए उन्होंने कहा कि यह पिछले वर्ष के 2.92 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 3.15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

केंद्र सरकार द्वारा करों में हिस्सेदारी घटाए जाने पर भी उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि 14वें वित्त आयोग में राज्य की हिस्सेदारी 4.713 प्रतिशत थी, जो 15वें वित्त आयोग में घटकर 3.647 प्रतिशत हो गई। 16वें वित्त आयोग ने 4.131 प्रतिशत हिस्सेदारी की सिफारिश की है, जिसे उन्होंने अपर्याप्त बताया।

सिद्धारमैया ने कहा कि जीएसटी मुआवजा बंद होने और केंद्र की नीतियों के कारण राज्य को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। वर्ष 2023-24 और 2024-25 में क्रमशः 30,871 करोड़ रुपये और 40,368 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई, जबकि 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के चलते 2023-26 के दौरान 39,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ।

उन्होंने बताया कि 2019 से 2022 के बीच केंद्र से 57,351 करोड़ रुपये का जीएसटी मुआवजा मिला था, लेकिन 2023 से इसे बंद कर दिया गया। वर्ष 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से राज्य को कुल मिलाकर 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा, “इन सभी चुनौतियों के बावजूद हम राज्य को आगे बढ़ा रहे हैं।”


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