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पूर्व मंत्री लक्ष्मण राम का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

Date : 25-Mar-2026

 पलामू, 25 मार्च । पूर्व विधायक और संयुक्त बिहार सरकार में खनन एवं भू-तत्व विभाग के राज्य मंत्री रहे लक्ष्मण राम का निधन हो गया। उनके निधन से पूरे पलामू क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

लक्ष्मण राम का बुधवार को देवरी कला स्थित सोन नदी के मुक्तिधाम घाट पर अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया और सशस्त्र पुलिस बल ने गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए बंदूकों की सलामी दी। इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी गौरांग महतो और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) एस. मोहम्मद याकूब सहित सैकड़ों लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्रद्धांजलि सभा में स्थानीय विधायक संजय कुमार सिंह यादव, पूर्व विधायक दशरथ कुमार सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष अजय भारती, उपाध्यक्ष सुनील कुमार चौधरी, झामुमो नेता छेदी खान समेत कई कार्यकर्ताओं ने शोक व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि लक्ष्मण राम वर्ष 1990 में छतरपुर विधानसभा क्षेत्र से जनता दल के टिकट पर निर्वाचित हुए थे। उन्होंने कांग्रेस के राधाकृष्ण किशोर को पराजित कर जीत हासिल की थी। बाद में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू यादव ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में खनन एवं भू-तत्व विभाग का राज्य मंत्री बनाया।

मंत्री रहते हुए उनका कार्यकाल जनोन्मुखी और प्रभावशाली माना जाता है। उन्होंने हुसैनाबाद और छतरपुर को अनुमंडल का दर्जा दिलाने में अहम भूमिका निभाई, जो आज भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला मानी जाती है। सामाजिक न्याय के प्रबल समर्थक के रूप में वे गरीब, शोषित, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों की आवाज बने रहे।

लक्ष्मण राम का मूल निवास हुसैनाबाद अनुमंडल के कुकही गांव में था, बाद में वे हुसैनाबाद नगर के कुर्मी टोला में रहने लगे। उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1985 में हुई, जब उन्होंने हुसैनाबाद विधानसभा से चुनाव लड़ा, हालांकि उस समय उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लेकिन 1990 में छतरपुर (अजा) सीट से जीत हासिल कर उन्होंने जनता का विश्वास अर्जित किया।

सादगी और मिलनसार स्वभाव के कारण वे आम लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय थे। मंत्री पद पर रहते हुए भी उन्होंने सरल जीवनशैली नहीं छोड़ी। कार्यकर्ताओं के प्रति उनका अपनापन और सहयोग की भावना हमेशा चर्चा में रही। उनका निधन न केवल पलामू बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।----


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