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प्रधानमंत्री पहुंचे बेंगलुरु, आदिचुनचनगिरी मठ के कार्यक्रम में हाेंगे शामिल, मुख्यमंत्री ने राज्य के लिए मांगा विशेष पैकेज

Date : 15-Apr-2026

 बेंगलुरु, 15 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मांड्या जिले में स्थित आदिचुनचनगिरी मठ के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए यहां पहुंच गए हैं।

बेंगलुरु हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कर्नाटक के विकास, लंबित केंद्रीय अनुदानों और विभिन्न प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लेकर प्रधानमंत्री मोदी को एक ज्ञापन भी सौंपा।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के ज्ञापन में लिखा है कि कर्नाटक देश की अर्थव्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, कृषि और सेवा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला राज्य है और सहकारी संघवाद के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध है। हालांकि, कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं और अनुदान लंबे समय से लंबित हैं, जिससे राज्य के विकास पर असर पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार ने कोलार में रेलवे कोच फैक्ट्री की स्थापना, बेंगलुरु-मैसूर हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना के लिए केंद्रीय सहायता तथा बेंगलुरु-मुंबई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शुरू करने की मांग की है। इसके अलावा, जल जीवन मिशन के तहत 17,554 करोड़ रुपये की लंबित केंद्रीय राशि, ग्राम पंचायतों के लिए 15वें वित्त आयोग की 2,860 करोड़ रुपये की राशि, राजस्व घाटा अनुदान के रूप में 5,495 करोड़ रुपये तथा बेंगलुरु के लिए 26,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की गई है।

ज्ञापन में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं, मेकेदातु पेयजल परियोजना, अपर भद्रा परियोजना के लिए केंद्रीय सहायता, कृष्णा जल विवाद न्यायाधिकरण-द्वितीय की रिपोर्ट के राजपत्र में प्रकाशन तथा अपर कृष्णा परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने की भी मांग की गई है।

राज्य सरकार ने महादयी के तहत कलसा नाला परियोजना को वन्यजीव मंजूरी देने, नदी जोड़ो परियोजनाओं में कर्नाटक को न्यायसंगत जल हिस्सा देने और राज्य की 56 प्रतिशत आरक्षण नीति को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने की भी मांग की है। इसके अलावा, कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के लिए प्रतिवर्ष 5,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज, उत्तर कर्नाटक के प्रत्येक जिले में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम की स्थापना, शरावती पम्प्ड स्टोरेज परियोजना को शीघ्र मंजूरी तथा रायचूर में एम्स स्थापित करने की भी मांग की गई है।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक के लोगों की ओर से इन सभी मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा है और उन्हें विश्वास है कि केंद्र सरकार राज्य के हितों के प्रति सकारात्मक रुख अपनाएगी।


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