बेंगलुरु, 18 अप्रैल। दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चार दुर्लभ चीतों का बेंगलुरु पहुंचने पर वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने देर रात केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा के कार्गो विभाग में औपचारिक स्वागत किया। इन चीतों को विशेष व्यवस्था के तहत बैनरघट्टा जैविक उद्यान लाया जा रहा है, जहां इन्हें संरक्षित वातावरण में रखा जाएगा।
मंत्री ईश्वर खंड्रे कलबुर्गी का कार्यक्रम समाप्त करने के बाद हैदराबाद होते हुए बेंगलुरु पहुंचे और सीधे हवाई अड्डे के कार्गो टर्मिनल पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर चीतों के आगमन और उनकी सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इन विदेशी मेहमानों को नए मौसम और वातावरण में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष निगरानी, अनुकूल तापमान व्यवस्था और सुरक्षित आवास सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही, पशु चिकित्सकों को 30 दिनों के लिए पर्याप्त भोजन, नियमित स्वास्थ्य जांच और क्वारंटाइन प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए।
मंत्री ने चीतों को हवाई अड्डे से बैनरघट्टा जैविक उद्यान तक सुरक्षित रूप से पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का भी बारीकी से निरीक्षण किया और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न होने की हिदायत दी।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एक समय कर्नाटक के जंगलों में चीते पाए जाते थे, लेकिन अब वे पूरी तरह लुप्त हो चुके हैं। ऐसे में इन दुर्लभ वन्यजीवों को चिड़ियाघरों में लाकर आम जनता को उन्हें देखने और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक करने का अवसर मिलेगा।
अंत में मंत्री ने कर्नाटक चिड़ियाघर प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिया कि चीतों की सुरक्षा, देखभाल और संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि वे स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण में रह सकें।
