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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनता दर्शन में फरियादियों से संवाद कर सुनीं समस्याएं

Date : 20-Apr-2026

 लखनऊ, 20 अप्रैल । उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने कैम्प कार्यालय सात कालिदास मार्ग पर आयोजित 'जनता दर्शन' में जन-सेवा और प्रशासनिक संवेदनशीलता की एक नई मिसाल पेश की। कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि उप मुख्यमंत्री ने औपचारिकताओं को परे रखते हुए स्वयं एक-एक फरियादी के पास जाकर, उनसे सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याओं को अत्यंत आत्मीयता के साथ सुना। प्रदेश के विभिन्न सुदूर जनपदों से आए सैकड़ों फरियादियों ने अपनी पीड़ा साझा की, जिस पर श्री मौर्य ने न केवल उन्हें ढांढस बंधाया, बल्कि समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर ही प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की।

जनता दर्शन के दौरान बांदा जनपद से आए रामदत्त और ओम प्रकाश ने भूमि से दबंगों द्वारा किए गए अनाधिकार कब्जे को हटवाने की गुहार लगाई। वाराणसी से आए विजय शर्मा ने गंभीर बीमारी के उपचार के लिए चिकित्सा सहायता अनुदान और राजेंद्र कुमार ने जटिल भूमि विवाद के त्वरित निस्तारण का आग्रह किया।

इसी क्रम में कानपुर देहात के दीपक कुमार ने अपने विरुद्ध दर्ज किए गए कथित फर्जी मुकदमे को निष्पक्ष जांच कर निरस्त कराने की अपील की, तो कासगंज के चंदन सिंह ने जमीन से जुड़े पुराने विवाद के न्यायसंगत निपटारे की मांग रखी। बदायूं जिले से आए फरियादियों की संख्या भी पर्याप्त रही, जिसमें राम विलास ने वैध विद्युत कनेक्शन होने के बावजूद दर्ज हुए मुकदमे की जांच कराने, चंद्रपाल ने बिजली संबंधी अन्य प्रकरणों और राम अवतार शाक्य ने अपनी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने का पत्र दिया।

इसके साथ ही, बलरामपुर के राम अक्षयबर ने असाध्य रोग के इलाज के लिए आर्थिक मदद, फर्रुखाबाद की प्रेमवती शाक्य व सीतापुर के दीपू ने आवास दिलाने और महोबा के दयाशंकर ने अपनी पट्टे की जमीन को दबंगों के चंगुल से छुड़ाने की व्यथा सुनाई। इन तमाम प्रकरणों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए उप मुख्यमंत्री ने शासन की सक्रियता और संवेदनशीलता का परिचय दिया और कई जिलों के जिलाधिकारियों एवं पुलिस कप्तानाें से दूरभाष पर सीधी वार्ता की और निर्देश दिये कि धरातल पर पीड़ित व्यक्ति को वास्तविक न्याय मिलना चाहिए।

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि चिकित्सा सहायता, आवास और अंत्योदय से जुड़े मानवीय मामलों में तत्काल प्रक्रिया पूरी कर राहत पहुंचाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा और सरकार हर पात्र व्यक्ति के साथ मजबूती से खड़ी है।

श्री मौर्य के इस त्वरित, पारदर्शी और कड़े रुख ने न केवल प्रशासनिक तंत्र को जवाबदेह बनाया, बल्कि कैंप कार्यालय में मौजूद सैकड़ों लोगों के मन में न्याय के प्रति अटूट विश्वास भी जगाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाय।


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